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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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नववर्ष २०१३ का शुभारम्भ होने जा रहा हैं। इस नए वर्ष में हर व्यक्ति को उत्साह एवं उल्लास के साथ नवीन शुभ संकल्प लेना चाहिए। और नकारात्मक विचारों को त्यागकर सत्कर्म के मार्ग पर चलने का दृढ निश्चय करना चाहिए।
By: नीरज शर्मा
01-Jan-2014
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- नौकरी व व्यापार में वृद्धि पाने के लिए आपको बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हो तो आप क्या करें? प्रत्येक मंगलवार को 11 पीपल के पत्ते लें और फिर लाल चंदन से राम-राम लिखें व उसे हनुमानजी के मंदिर में चढ़ायें व हनुमान जी के समक्ष हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रार्थना करें कि मेरी नौकरी व व्यापार में जो भी बाधा है वह बाधा दूर हो जाय।
By: केशव
15-Feb-2016
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ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह वर्ष आम तौर पर शुभ रहेगा। साहित्य, कला, उद्योग आदि के क्षेत्रों की स्थिति अच्छी रहेगी।
By: नारायण शर्मा
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नटवर सिंह कुछ समय पहले केंद्र में विदेश मंत्री थे लेकिन उनके साथ ऐसी घटना हुई कि उन्हें न चाहते भी अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा। आखिर यह सब उनके साथ कैसे हुआ? इसके पिछे क्या राज था? इस संबंध में क्या कहते हैं नटवर सिंह के सितारे...
By: आचार्य किशोर
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श्रीमती प्रियंका गांधी का जन्म 12-1-1972 को दिल्ली में हुआ। अंक ज्योतिष के अनुसार इनका मूलांक 3 है। यह अंक गुरु का अंक है। इस अंक की विशेषता है कि इस मूलांक वाला जातक/जातिका साहसी, कर्मठ, कार्य करने में दक्ष अपने विचार, अपनी भावनाओं तथा अपने कथन को बहुत ही सुंदर और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने वाले होते हैं। अपने इन्हीं गुणों के कारण ये सामने वाले को आकर्षित करने में माहिर होते हैं। अपने शत्रु को भी अपने अनुकूल बनाने में दक्ष होते हैं, जीवन में इनको यश, सम्मान सभी कुछ प्राप्त होता है।
By: के. के. निगम
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टाईम जोन (Time Zone) या मानक समय को हम क्षेत्रीय समय के नाम से भी जानते हैं।
By: आभा बंसल
20-Aug-2017
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शनि एक अत्यंत रहस्यमय ग्रह है, जिसके रहस्यों को खोल पाने में वैज्ञानिक अब तक असमर्थ हैं। किंतु, हमारे ऋषि मुनियों ने आज से हजारों वर्ष पूर्व ही शनि के तमाम गूढ़ रहस्यों का ज्ञान प्राप्त कर लिया था। प्रस्तुत है इस अंधियारे ग्रह का एक विश्लेषण...
By: सुनील जोशी जुन्नकर
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शनि उदासीनता, दुख, दर्द, विपŸिा एवं मृत्यु का कारक माना जाता है। ज्योतिर्विदों का कथन है कि भाव स्थित शनि भाव की वृद्धि करता है। किंतु उसकी दृष्टि भाव को दूषित जबकि गुरु की दृष्टि पुष्ट करती है, शुभ करती है।
By: रामप्रवेश मिश्र
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लोगों की मृत्यु उपरांत विभिन्न कारणों से अथवा मोह माया वश जब उनकी आत्मा बंधन मुक्त न होकर मृत्यु लोक में ही घूमती रहती है और स्वयं मुक्त न होने के कारण इन पूर्वजों का अपने परिवार पर नकारात्मक अथवा किसी न किसी रूप में हानिकारक प्रभाव पड़ता है तो इसे ही साधारणतया पितृ-दोष माना जाता है।
By: बसंत कुमार सोनी
15-Oct-2014
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सूर्य को ग्रहों का राजा कहा जाता है। जो ग्रह सूर्य से एक निष्चित अंषों पर स्थित होने पर अपने राजा के तेज और ओज से ढंक जाता है और क्षितिज पर दृष्टिगोचर नहीं होता तो उसका प्रभाव नगण्य हो जाता है।
By: जय इंदर मलिक
15-May-2015
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बच्चों के पढ़ाई में मन नहीं लगने के कारण माता-पिता चिंतित रहते हैं, जो स्वाभाविक है। इसका एक कारण चित्त की चंचलता हो सकती है।
By: मोहन
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जन्मकुंडली में योग होने मात्र से ही कोई व्यक्ति राजा या रंक नहीं हो जाता। कोई भी योग तभी पूर्ण फल प्रदान करता है जब वह किसी अन्य ग्रह से पीड़ित, शापित एवं अशुभ स्थितियों से प्रभावित न हो। योग होने के बाद भी उन्हें प्रभावी न होने देने वाले कौन से कारक होते हैं, आइए जानें...
By: फ्यूचर पाॅइन्ट