How Numerology Can Help You in Daily Life

How Numerology Can Help You in Daily Life

How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

View:85

How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.

How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

View:155

How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.

How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

View:223

How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.

Articles

Read Articles in English
astrology-articles

View:10104

राष्ट्रपति चुनाव : गद्दी किसके हाथ

देश के सर्वोच्च पद के चुनाव का समय नजदीक अआया जा रहा है। अटकलों का बाजार गर्म है। चुनाव मैदान में दो सशक्त उम्मीदवार है। श्रीमती प्रतिभा पाटिल तथा वर्तमान उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत। १९ जुलाई को होने वाले स चुनाव में विजयश्री किसे मिलेगी

astrology-articles

View:16686

राहु के उद्भव की गाथा

सर्वप्रथम राहु का उल्लेख सूर्य के प्रसंग में ऋग्वेद में प्राप्त होता है जिसका अर्थ अंधकार है। ऋग्वेद में राहु उस दैत्य का नाम प्रतीत होता है जो सूर्य-चंद्र ग्रहण का कारण बनता है। इसे स्वर्भानु कहा गया है, जो सूर्य के प्रकाश को रोकता है।

astrology-articles

View:21136

राहु के राशि परिवर्तन का विभिन्न राशियों में प्रभाव एवं उपाय

राहु १४ जनवरी २०१३ को सायंकाल ७:१८ बजे तुला राशि में प्रवेश कर चुके हैं। दृष्टव्य है की शनि पहले से ही तुला राशि में गोचर कर रहे हैं। इस प्रकार राहु व् शनि की युति विषयोग का निर्माण कर रही हैं।

astrology-articles

View:5994

राहु केतु की स्थितियां एवं प्रभाव

कुंडली में राहु-केतु की स्थिति पर ही काल सर्प योग के शुभाशुभ परिणाम निर्भर करते हैं। जिस भाव में रहकर राहु-केतु काल सर्प योग बनाते हैं उस भाव विशेष से जुड़े फल अधिक मिलते हैं, कैसे आइए जानें ...

astrology-articles

View:17525

राहु केतु ग्रहण: काल सर्प योग दोष निवारण

काल सर्प योग दोष निवारण ३९ कुंडली के विविध भावानुसार बारह प्रकार के काल सर्प योग बनते हैं। इनकी समयानुसार शांति अवश्य कराई जानी चाहिए। ग्रहों के दोष शमनार्थ उपाय करने के पूर्व ज्योतिषीय परामर्श लेना नितांत आवश्यक रहता है।

astrology-articles

View:17465

राहू केतु जन्य ज्योतिषीय योग

मानव के शरीर पर उसके व्यक्तित्व पर और उसके जीवन पर ग्रहों का पूरा असर पडता है। प्राचीन ऋषि महारिशियों ने केवल सात ग्रहों की परिकल्पना की है, उन्होंने राहू और केतु को ग्रह नहीं मानकर छाया गृह की संज्ञा दी है। इस वाक्य को समझने के लिए हमें निम्न पंक्तियों

astrology-articles

View:11539

राहु का अन्य ग्रहों पर प्रभाव

राहु-केतु छाया ग्रह है, परन्तु उनके मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर हमारे तत्ववेता ऋषि-मुनियों ने उन्हें नैसर्गिक पापी ग्रह की संज्ञा दी है।

astrology-articles

View:26081

राहु का गोचर फल

14 जुलाई 2014 को राहु राशि परिवर्तन कर रहा है। तुला से कन्या में आ जाएगा और 18 महीने की अवधि तक इसी राशि में रहेगा। जिनकी कुंडलियों में राहु 3, 6, 11 भावों में, उच्च राशि, मूल त्रिकोण राशि, स्वराशि या मित्र राशि में है उनको राहु के शुभ फल प्राप्त होंगे यदि साथ में दशा भी अनुकूल हो। प्रतिकूल परिस्थितियों में राहु के अशुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

astrology-articles

View:87374

राहु का प्रभाव

ब्रह्मांड में स्थित नव-ग्रहों में से प्रमुख सात ग्रहों (सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, तथा शनि) को छोड़कर शेष दो छाया ग्रहों (राहु-केतु) में राहु का विशेष स्थान है। हालांकि इन छाया ग्रहों का कहीं भौतिक अस्तित्व नहीं है केवल आभास मात्र है लेकिन अन्य प्रमुख ग्रहों की भांति इनका भी भूतल निवासी मानवों पर सीधा प्रभाव दृष्टिगोचर होता है, जिसके कारण राहु नामक छाया ग्रह भी ज्योतिष जगत में अपना विशेष स्थान रखता है।

astrology-articles

View:10041

राहू का मकर राशि में गोचर

राहू ५ मई २००८ जी सायं ८ बजकर ४ मिनट पर कुंभ राशि में मकर राशि में प्रवेश कर जायेगें। साथ ही केतु, जो अभी शनि के साथ सिंह राशि में गोचर कर रहे है, भी शनि से पृथक होकर कर्क राशि में प्रवेश कर जायेंगे। मध्य राहू पांच दिन पूर्व ही।

astrology-articles

View:309651

राहू कि महादशा में नवग्रहों कि अंतर्दशाओं का फल एवं उपाय

राहू मूलत: छाया ग्रह है, फिर भी उसे एक पूर्ण ग्रह के समान ही माना जाता है। यह आर्द्रा, स्वाति एवं शतभिषा नक्षत्र का स्वामी है। राहू कि दृष्टि कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर पड़ती है। जिन भावों पर राहू कि दृष्टि का प्रभाव पडता है, वे राहू कि महादशा।

astrology-articles

View:218782

राहु की विभिन्न ग्रहों के साथ युति फल

ज्योतिष शास्त्र में सात मुख्य ग्रहों और दो छाया ग्रहों को सर्वसम्मति से मान्यता प्राप्त है। राहु केतु छाया ग्रह हैं। छाया ग्रह होते हुये भी राहु की फलादेश में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। कोई भी ग्रह जब कुंडली में राहु के साथ युति बनाता है तो उसके फल कुछ और ही होते हैं। कई स्थानों पर ये युति अशुभ न होकर शुभ फल प्रदान करती है और अनेक अन्य भावों में अशुभत्व प्रदान करती है।