How Numerology Can Help You in Daily Life

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How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

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How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.

How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

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How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.

How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

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How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.

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रत्नों का शुद्धिकरण एवं प्राण-प्रतिष्ठा

स्त्रीय विधि के अनुसार ग्रहों की शांति के लिए जो रत्न या लाॅकेट धारण किए जाते हैं, उनका धारण करने से पूर्व शुद्धिकरण एवं प्राण-प्रतिष्ठा करना आवश्यक माना गया है। इससे धारणकर्ता को शीघ्र मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। यहां रत्न या लाॅकेट को शुद्ध करने एवं उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की सरल विधि दी जा रही है।

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रत्नों की पहचान कैसे करें

ज्योतिष में रत्नों की विशेष महिमा है। महर्षियों ने इन रत्नों के उन गुणों को पहचाना जिनसे ये ग्रहों से निकलने वाली रश्मियों को अवशोषित कर लेते हैं और इन्हें धारण करने वाले पर किसी ग्रह विशेष के पड़ने वाले दुष्प्रभावों में कमी आती है और अच्छे प्रभावों में वृद्धि होती है।

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रत्नों को धारण करने से पहले जान लें ये 12 जरूरी बातें

रत्न विज्ञान में प्रत्येक रत्न के धारण करने के लिए एक निश्चित माप तय किया गया है। अतः निश्चित माप का रत्न धारण करना ही लाभप्रद होता है उससे कम या अधिक का नहीं। रत्नों का नकारात्मक प्रभाव भी होता है।

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रत्नों द्वारा बाधा निवारण

हमारी भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति में प्राचीन काल से ही रत्न धारण की परंपरा रही है। नाना प्रकार के कार्यों की सिद्धि के लिए रत्न-उपरत्न धारण करने से लाभ प्राप्त होता है।

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रत्नों द्वारा रोग मुक्ति एवं ग्रह शांति

यह सर्वविदित है कि रत्नों में दैवीय शक्ति का वास होता है। इन रत्नों का यदि उचित उपयोग किया जाए तो अनेक रोगों, कष्टों, बाधाओं आदि से रक्षा हो सकती है। यहां विभिन्न रत्नों और उनके प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत है।

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रत्नों से सुख का सृजन

रत्नों का प्रयोग हजारों साल से होता आ रहा है। ग्रहों के दोष निवारण में इनकी भूमिका असंदिग्ध है। आज विश्व के चप्पे-चप्पे में लोग इससे परिचित हो गये हैं कि रत्नों से ग्रह-दोषों का शमन होता है, परिस्थितियां अनुकूल हो जाती हंै।

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रुद्राक्ष कहां पाए जाते हैं?

प्रश्न: रुद्राक्ष कहां पाए जाते हैं? इनकी कितनी किस्में होती हैं? असली एवं नकली रुद्राक्ष की क्या पहचान है?

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रेबीज

पागल कुत्ते, या अन्य जानवरों के काटने से उत्पन्न भयंकर रोग रेबीज़ कहलाता है। यह एक जानलेवा रोग है, जिसका उपचार केवल बचाव है।

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रमल ज्योतिष : एक नजर में

रमल विद्या में भी बारह भावों-तन धन, बंधु –बांधव, मां, पुत्र, विद्या, शत्रु, मामा, जाया, मृत्यु, कर्म लाभ फलादेश चमत्कारिक ढंग से किया जाता है। रमल रहस्य पुस्तक के अनुसार पार्वती के द्वारा प्रश्न विद्या के ज्ञान के बारे में सवाल किए जाने पर भगवान शिव

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रमल प्रश्न ज्योतिष

रमल ज्योतिष भारतीय मूल का शास्त्र है। इस शास्त्र का प्रसार यवन मौलिवयों ने किया इसिलए इसे यवनीय ज्योतिष भी कहा जाता है। इस शास्त्र में संबिंधत जानकारी प्रस्तुत लेख द्वारा ज्ञात कीजिए।

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रमल भविष्य कथन कि पुरातन पद्वति

भविष्य कथन कि विभिन्न पद्वतियों में से “रमल” एक बहुत पुरातन पद्वति है, जिसका कभी बहुत चलन था लेकिन वर्तमान काल में यह पद्वति लुप्त सी हो रही है। फिर भी कुछ लोग हैं जो इस “रमल” पद्वति के रहस्यों को भलीं भांति समझते है और उसे प्रयोग में लाते है।

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रवींद्रनाथ टैगोर और सरस्वती योग

विद्या की देवी सरस्वती की कृपा जिस पर होती है उसकी ख्याति ध्रुव की तरह चमकती है। उसके पस धन-वैभव एवं ऐश्वर्य की भी कमी नहीं होती। वह अपनी प्रज्ञा से समाज में विचारों एवं संस्कारों के बीज बोता है। रवींद्रनाथ टैगोर का व्यक्तित्व भी ऐसा ही था। उनकी कुंडली में सरस्वती योग किस रूप में फलित हो रहा है, आइए जानें...