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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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मेष यह अग्नि तत्व राशि है और इसका स्वामी मंगल ग्रह है। ऐसे जातक गर्म और मसालेदार खाना पसंद करते हैं। मांसाहारी खाना अधिक खाते हैं। आयुर्वेद अनुसार इनमें पित्त अधिक रहता है। मोटापे से राहत के लिये इन्हें तरल पदार्थ अधिक पीना चाहिये ताकि विषैले तत्व बाहर निकल सकें। सलाद खाना चाहिये। अल्कोहल से बचना चाहिये। दही, सब्जियों का जूस लेना चाहिये। व्यायाम अति आवश्यक है।
By: संजय बुद्धिराजा
15-May-2017
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यू. पी. ए. सरकार आज समय-समय पर विवादों से घिरी हुई है। भ्रष्टाचार तथा महंगाई देश के लिए मुख्य मुद्दा बना हुआ है। अतः आज के समय में सरकार को अपनी शाक बचानी मुश्किल हो रही है।
By: उमाधर बहुगुणा
01-Jan-2014
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भारतीय जनता पार्टी के तेज तर्रार सांसद एवं गोरखपुर के लोकप्रिय नेता योगी आदित्यनाथ को उत्तरप्रदेश की कमान संभालने का उत्तरदायित्य मिला है। यूपी से लेकर पूरे देश की जनता की निगाहें योगी जी की कार्यशैली पर लगी हुई है कि योगी जी उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य जहां अपराध एवं भ्रष्टाचार का बोलबाला है तथा जहां का समाज अगड़ी-पिछड़ी एवं निम्न जातियों की संज्ञा द्वारा विभूषित भेद-भाव पर आधारित है, वहां किस प्रकार अपनी प्रशासनिक यू.पी. के योगी आदित्यनाथ व्यवस्था एवं दक्षता से समरसता, सौहार्द एवं भाईचारे का माहौल स्थापित कर सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त कर पाते हैं।
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महज 9 वर्ष की अवस्था में प्रांजलि सिन्हा एक धुन गुनगुना रही थी जो ना किसी बाॅलीवुड गाने की और न ही किसी एलबल की थी। ईश्वर की कृपा से प्रांजलि सिन्हा आई जीनियस मैक्स यंग सिंगिग स्टार, काम्पिटीशन के दौरान गुरु जीतू शंकर से मिली। गुरु जी ने प्रांजलि द्वारा गुन गुनाई जा रही धुन की समीक्षा की, उसे गाने के लिए कुछ बोल भी दिये। प्रांजलि सिन्हा ने उम्मीद के मुताबिक शानदार प्रदर्शन किया और अब प्रांजलि सिन्हा गुरु जीतू शंकर के सान्निध्य व निर्देशन में संगीत की दुनिया में अपनी यात्रा की सुंदर शुरूआत कर चुकी है। जीतू शंकर के अनुसार प्रांजलि सिन्हा में सीखने व नया कुछ करने की विलक्षण प्रतिभा है। जिसके चलते वे आधुनिक फिल्म उद्योग में एक सफल गायिका व संगीतकार के रूप में स्थापित होने वाली हैं।
By: आभा बंसल
15-Dec-2016
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मंत्र देवताओं के मन का कारक हैं, यंत्र देवताओं का विग्रह हैं, जिस प्रकार शरीर एवं आत्मा में संबंध होता है, उसी प्रकार मंत्र एवं यंत्र में आपसी भेद नहीं होता (यंत्र की पूजा किये बिना देवताओं भी प्रसन्न नहीं होते) अत: देवता को प्रसन्न
By: डॉ. अरुण बंसल
03-Dec-2004
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संपूर्ण बाधामुक्ति यंत्र यह यंत्र ताम्रपत्र पर तेरह यंत्रों के संयुक्त मेल से निर्मित है, जिससे यह अधिक प्रभावी होता है। कार्यों में बार-बार बाधाओं का आना ही कार्य असफलता का मुख्य कारण होता है। इस यंत्र के प्रभाव से आत्मबल में वृद्धि होती है, सकारात्मक सोच बनती है तथा यह साधक के मार्ग में आने वाली अड़चनों को दूर करता है।
By: रमेश शास्त्री
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ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। यंत्र धारण अथवा यंत्र स्थापना द्वारा ग्रह दोष निवारण संभव है।
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उत्तर प्रदेश की राजनीति का ऊँट किस करवट बैठेगा यह उत्तर प्रदेश के चुनाव के नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा पर इसमें कोई शक नहीं है कि इस सियासी कुनबे की कलह का असर उनकी पार्टी की नींव को भी हिला जाएगा और उनकी अपनी लोकप्रियता और जनता के उनके प्रति विश्वास को कहीं न कहीं चोट पहुंचाएगा। काफी कम समय में लोगों के अजीज बने सीएम श्री अखिलेश यादव भी शायद इस झटके से उबरने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। आईये डालते हैं एक नजर यू. पी. के लोकप्रिय सी. एम. अखिलेश यादव के राजनीतिक सफर पर।
15-Feb-2017
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गणेश जी के मंत्र का स्मरण करके यात्रा प्रारंभ करने से यात्रा निर्विध्न एवं लाभप्रद होती हैं. शकुन विचार करना भी सफल यात्रा का रहस्य माना गया हैं.
01-Jun-2004
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प्रश्न: वर्तमान समय का फलादेश करने के लिए योग, दशा और गोचर में से किसका महत्व अधिक है और क्यों? अपने उत्तर को उदाहरण की सहायता से प्रमाणित करें।
By: ईश्वर लाल खत्री
15-Apr-2015
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लघुपाराशरी के योगाध्याय के श्लोक संख्या 14-17 तथा 20-21 इन छः श्लोकों में योगकारक ग्रह का लक्षण एवं उदाहरण की विस्तार से विवेचना की गयी है। इस प्रसंग में यह स्वाभाविक प्रश्न है कि योगकारक ग्रहों का फल कब और कैसे मिलेगा? इस प्रश्न का उत्तर योगाध्याय के श्लोक संख्या 18-19 तथा दशाध्याय के श्लोक संख्या 33-36 में दिया गया है।
By: सुखदेव शर्मा
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प्रत्येक व्यक्ति किसी शुभ कार्य को शुभ समय इमं प्रारम्भ करना चाहता हैं ताकि वह कार्य सफल, लाभकारी तथा मंगलमय हो। ऐसे अनेक शुभ समय विभिन्न कालांगों तथा वार, तिथि, नक्षत्र आदि के सम्मिश्रण से बनाते हैं।
By: राजेंद्र कुमार जोशी