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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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ज्योतिष में कैंसर जैसे भयानक रोग की उत्पति में कौन कौन से ग्रहों का प्रभाव रहता हैं। इसे जाना जा सकता हैं। ज्योतिष सृष्टि संचरण की घडी है एवं व्यक्ति की जन्म कुंडली सोनोग्राफी है जिसके विश्लेषण से कैंसर रोग होने की संभावना का पता लगाया जा सकता हैं।
By: रवि जैन
01-Jan-2014
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कैंसर आज भी अपना कहर ढा रहा है। यदि प्रारंभिक स्थितियों में चिकित्सक इस रोग को न पकड़ पाए तो यह शरीर में विषवृक्ष की तरह फैलता चला जाता है। इस भयंकर रोग से ग्रस्त होने पर जन्मकुंडली में ग्रह स्थितियां कैसी रहती हैं और इनका क्या प्रभाव पड़ता है, आइए जानें...
By: सीतेश कुमार पंचोली
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भारत में ऐसा पहली बार हुआ जब गैर कांगे्रस पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनी हो। तीस वर्षों के बाद देश में पहली बार पूर्ण बहुमत वाली एक पार्टी की सरकार बनी है यह भारत वर्ष के आगामी भाविष्य के लिए शुभ संकेत हो सकता है।
By: रमेश शास्त्री
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२०६४ संवत वर्ष का राजा चन्द्रमा होने से समाज में उत्सव अधिक होंगे। वर्षा बहुत होगी। और धान्य, चावल, मौसमी, फल, वृक्ष, घास, गन्ने व अन्य रसदार वनस्पतियों की फसल अच्छी होगी। लोगों में सुख-ऐश्वर्य के साधनों में वृद्धि
By: फ्यूचर समाचार
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बिहार में हाल के विधान सभा चुनाव ने वहां की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया। एक लंबे अर्से के बाद वहां नीतिश के नेतृत्व में एक नई सरकार सत्ता में आई। वे कौन सी ग्रह स्थितियां थीं जिन्होंने नीतिश को फर्श से अर्श तक पहुंचाया, और क्या वह पना कार्यकाल पूरा कर पाएंगे, आइए जानें ...
By: दिलीप कुमार
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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत से विधान सभा चुनाव जीत कर 14 साल बाद सरकार बनाई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च को कमान संभाल ली है। हम इस लेख में ज्योतिष के माध्यम से यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि योगी जी का कार्यकाल उत्तर प्रदेश की जनता के लिए कैसा रहेगा।
15-May-2017
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नव वर्ष 2010 उस समय शुरू हो रहा है जब अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर आतंकवाद चारों तरफ अपने पैर फैला रहा है,
By: महेश चंद्र भट्ट
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यथा नाम तथा गुण ! कहते हैं व्यक्ति को जिस नाम से पुकारा जाता है। अच्छे नाम और उसके गुणों के प्रभाव से ही व्यक्ति जग प्रसिद्ध बनता है। इसलिए नाम का चयन करते समय समझदारी से काम लेना चाहिए, कैसे आइए जानें...
By: गोपाल राजू
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शनि का नाम जपने से अनेक कष्टों का शमन होता है। शनि शांति का अनुष्ठान यदि शनि मंदिरों में जाकर किया जाए तो उसका प्रभाव शीघ्र होता है। शनि के सिद्ध स्थलों की जानकारी प्रायः कम ही लोगों को होती है। इस आलेख में कुछ प्रसिद्ध शनि धामों की जानकारी दी जा रही है, तो जपिये शनि का नाम और देख आइए शनि धाम।
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
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कर्ण (कान) शरीर का वह प्राकृतिक यंत्र है, जिससे हमारी सुनने की क्रिया संपन्न होती है। कान पांच ज्ञानेन्द्रियों में से एक है, जो हमें सांसारिक संपर्क साधने और विभिन्न जानकारी देने में सहायक है। श्रवण शक्ति प्रदान करने वाली कर्णेंद्रिय सुचारू रूप से काम करती रहे इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए अन्यथा गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
By: अविनाश सिंह
15-Oct-2015
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क्रिकेट के भगवान के रूप में सचिन तेंदुलकर को इतनी लोकप्रियता मिली है कि अब उनके नाम से उदाहरण दिये जा रहे हैं। नवजोत सिद्धू के अनुसार कपिल शर्मा काॅमेडी के सचिन तेंदुलकर हैं। कपिल शर्मा आज हर घर में जाना माना नाम है। अपने ही अंदाज में किए अपने प्रोग्राम ‘काॅमेडी नाइट विद् कपिल’ में जहां वे अपने मेहमान कलाकारों को हंसी से सराबोर कर देते हैं वहीं दर्शकों को भी हंसा-हंसाकर दोहरा कर देते हैं। कपिल शर्मा ने अपनी काॅमिक टाइमिंग से सभी को कायल कर दिया है और आज तो आलम यह है कि कपिल के प्रोग्राम की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि टीआर. पी. में उन्होंने अमिताभ बच्चन के कौन बनेगा करोड़पति पर भी बढ़त बना ली है और बाॅलीवुड के टाइगर खान की बिग बाॅस की छवि भी फीकी पड़ गई है।
By: आभा बंसल
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आज इस वर्ष भारत में अक्तूबर माह में चमत्कृत, विस्मित, पुलकित और उल्लासित कर देने वाले पावन पर्व की घड़ी आ गई। देश में अब तक आयोजित खेलों के महाकुंभ (राष्ट्रमंडल खेलों) के श्री गणेश में चंद रोज शेष हैं।
By: शरद त्रिपाठी