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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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प्रश्न शास्त्र में प्रश्नकत्र्ता की जिज्ञासा, उत्सुक्ता, उत्कंठा, इच्छा, शंका, चिंता आदि प्रश्नों का समाधान जन्मपत्री की लंबी चैड़ी गणितीय प्रक्रिया के बिना किया जाता है।
By: पी पी एस राणा
01-Jan-2014
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ग्रह व्यक्ति के इर्द गिर्द एक आभा मंडल विकसित करते हैं। हर ग्रह का एक विशेष प्रभाव क्षेत्र है और हर राशि/भाव में उसकी विशेष भूमिका होती है।
By: अपर्णा शर्मा
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क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का नाम लेते ही एक ऐसे भव्य लौहपुरूष का चेहरा आंखों के सामने उभर आता है, जो न सिर्फ क्यूबा में वरन पूरे लैटिन अमेरिका में भ्रष्ट पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ क्रांति के अग्रदूत बनकर सामने आए। आइए जानने का प्रयास करते हैं फिदेल अलेक्जेण्ड्रो कास्त्रो के जीवन को ग्रहों के माध्यम से।
By: शरद त्रिपाठी
15-Oct-2016
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16 अक्तूबर 2016 व 3 दिसंबर 2017 को पुनः तीव्र भूकंप आएंगे। इसके अतिरिक्त इस वर्ष 27 अक्तूबर 2015 व 26 नवंबर 2015 को भी भूकंप आने की संभावनाएं प्रबल हैं यद्यपि रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता कुछ कम हो सकती है। यह आवश्यक नहीं कि भूकंप से होने वाली तबाही उसकी तीव्रता पर निर्भर करे बल्कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में इसका एपीसेंटर आने से होती है। इसके अतिरिक्त भूकंप के समय मंगल शनि का युति संबंध अथवा इनके आमने-सामने आ जाने पर व गुरु अलग हो तथा गुरु की दृष्टि न पड़ रही हो तो विनाश अधिक होता है । नेपाल में आये भूकंप के समय ऐसी ही ग्रह स्थिति थी
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
15-Aug-2015
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इसी महीने बच्चों की परीक्षा का समय आ गया है। हम अपनी जिंदगी में आजकल इतना व्यस्त हो चुके हैं कि हमें अपने भविष्य को बनाने के अलावा और किसी बात की चिंता ही नहीं होती, जिसके कारण पारिवारिक जीवन अंदर ही अंदर खराब होता रहता है। पति-पत्नी में भी आए-दिन क्लेश होते रहते हैं, कई बार तो बच्चों की पढ़ाई की वजह से घर में क्लेश बड़ा रूप ले लेता है जिसके कारण पति-पत्नी में भी तनाव बन जाता है। बच्चों की पिटाई करना भी अच्छा नहीं लगता, क्योंकि जिसे इतना प्यार करते हैं, उसी औलाद पर कैसे हाथ उठा दें।
By: जी.डी. वशिष्ठ
15-Feb-2015
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कुछ लोगों की जन्मपत्रियों में आजन्म सुखी रहने के योग होते हैं। ऐसी ही जन्मपत्रियां हैं सुशांत और रितिका की। सुशांत की कुंडली में लग्नेश और शुक्र का स्थान परिवर्तन योग है।
By: आभा बंसल
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बुध के जन्म की कथा काफी अद्भुत तथा उत्तेजक है। यदि हम उस काल की ओर लौटें जबकि यह घटनाएं हुई थीं तो इन घटनाओं ने सृष्टि में काफी उथल-पुथल मचा दी थी। शुरू में बुध को अपनाने के लिए कोई भी तैयार नहीं था तथा इसके पितृत्व को लेकर बहुत विवाद तथा उलझन थी, जिसके परिणाम में बुध को शुरू में एक परित्यक्त बालक का जीवन जीना पड़ा किंतु बाद में उसकी प्रतिभाओं को देखकर उसके पिता ने आगे आकर उसे अपना पुत्र स्वीकार किया।
By: अजय भाम्बी
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जिस प्रकार देवता हैं, तो दानव भी हंै, अच्छाई है, तो बुराई भी है, मनुष्य हंै, तो राक्षस भी हंै, प्रत्यक्ष है, तो अप्रत्यक्ष भी है, उसी प्रकार षटकर्मों अर्थात आकर्षण, वशीकरण, उच्चाटन, स्तंभन, विद्वेषण और मारण आदि में अच्छे कर्म भी हैं,
By: कौलाचार्य जगदीशानन्द तीर्थ
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अंग्रेजी की कहावत है - ‘‘आंखें आत्मा की खिड़की हैं’’ अर्थात् आंखें दिल की जुबां होती हैं। मानवमृखाकृति विज्ञान में जितना महत्व आंखों का है उतना ही महत्वपूण्र् ा स्थान भौंहों अर्थात् भृकुटी का भी है। यहां चर्चा का विषय ‘‘भौहें’ हैं। भौंहों पर विचार करते समय तीन बातों पर मुख्य तौर पर ध्यान देना चाहिए। जैसे उनकी गोलाई, लंबाई और मोटाई। इसके अतिरिक्त भौंहों की बनावट तथा सिर के बालों से तुलना का भी विशेष ध्यान रखना महत्वपूर्ण है, साथ ही भौंहों का प्रारंभ और अंत भी।
By: आर. के. शर्मा
15-Apr-2016
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पिछले लेख में आपको बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन (बीटी. आर) करने के ठोस नियमों से अवगत करवाया गया था। इस लेख में एक उदाहरण की सहायता से बी. टी. आर. को समझाने का प्रयास किया गया है। पहले नियम यानि की रुलिंग प्लैनेट्स ;त्नसपदह च्संदमजेद्ध की सहायता से इस विशिष्ट कुण्डली का जन्म समय शुद्ध करेंगे तथा उसके पश्चात हम बी. टी. आर. के सुदृढ़ नियमों को भी लागू करेंगे।
By: आर.एस. चानी
15-Sep-2016
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इस लेख के माध्यम से बर्थ टाइम रेक्टीफिकेशन को व्यावहारिक तौर पर समझने की कोशिश की गई है। यहां जिस कस्पल कुंडली का अध्ययन कर रहे हैं वह एक पुरुष जातक की कुंडली है जिसका जन्म 30 सितंबर 1979 को दोपहर 15ः45 बजे मालदा, पश्चिम बंगाल के रेखांश /अक्षांश (88.08 पूर्व / 24.59 उत्तर) पर हुआ। रिकार्ड किए गए समय यानि 15ः45 बजे जातक का लग्न कुंभ राशि पर 10.15.09 डिग्री का उदय हो रहा है और लग्न के को रुलिंग ग्रह शनि-राहु-गुरु-राहु हैं और लग्न की आर्क (चाप) 28.06 प्रतिशत है।
15-Dec-2016
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हमारे इस ब्रह्मांड में लगभग चार हजार करोड तारे है और इस प्रकार के ब्रह्मांड एक हजार करोड से अधिक हमारा यह ब्रह्मांड ही इतना विशाल है की यदि सूर्य को एक सूई की नोक के बराबर मान लिया जाए तो नजदीकी तारा लगभग।
By: डॉ. अरुण बंसल