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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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काॅलेज खत्म होते-होते दोनों की अच्छी नौकरी लग गई और दोनों ही अपनी नौकरी में व्यस्त हो गये।
By: आभा बंसल
04-Feb-2020
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मानव हृदय संवेदनशील है जिसकी पुकार सदा सर्वदा आनंद के लिए होती है। मन की कोमल भावनाओं से जुड़े विषय किसे अच्छे नहीं लगते। संसार में बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो हृदय में उत्पन्न होने वाली इच्छाओं, आकांक्षाओं, संवेदनाओं व भावनाओं को सर्वाधिक महत्व देते हैं। इन कोमल भावनाओं में सर्वाधिक प्रबल भावना ‘‘प्रेम’’ की होती है। वास्तव में ही प्रेम हो जाने पर अन्य सभी कुछ छोटा लगने लगता है। ऐसा ही हुआ साशा के साथ जो शाही खानदान जैसी रईसी में जीने वाले संपन्न परिवार में जन्म लेकर भी एक साधारण परिवार में जन्मे युवक को अपना दिल दे बैठी और उसने यह ठान लिया कि वह उसी की होकर रहेगी चाहे उसे किसी भी हाल में क्यों न रहना पड़े और उसने अपने दृढ़ निश्चय व संकल्प शक्ति से अपने प्रेम को उसके अंजाम तक पहुंचा दिया। कहानी इसलिए दिलचस्प है क्योंकि इस कहानी की नायिका ने प्रेम की खातिर राजकुमारी जैसे ठाट-बाट को त्याग दिया।
15-Jun-2016
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परम पूज्य श्री सांई बाबा के जीवन के बारे में बहुत से पक्ष अज्ञात रहे हैं। आइए, उनकी कुंडली और जीवन के अज्ञात पक्षों के बारे में दी गयी खोजपूर्ण जानकारी प्राप्त करें।
By: शरद त्रिपाठी
01-Jan-2014
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ज्योतिष शास्त्र प्रथम दृष्टि में व्यक्तियों के स्वभाव व व्यक्तित्व का सटीक दिग्दर्शन करता है। राशि चक्र की बारह राशियां क्रमशः अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल तत्व दर्शाती हैं। ‘अग्नि तत्व’ (मेष, सिंह और धनु राशि) वाले उत्साही, स्वतंत्र विचार और ऊर्जावान होते हैं। ‘पृथ्वी तत्व’ के व्यक्ति स्थिर विचारवान होते हैं। ‘वायु तत्व’ (मिथुन, तुला और कुंभ राशि) वाले सौम्य, मिलनसार और भावुक होते हैं। ‘जल तत्व’ ( कर्क, वृश्चिक और मीन राशि) वाले कोमल हृदय, विचार बदलने वाले, रसिक स्वभाव और सात्विक होते हैं।
By: सीताराम सिंह
15-Nov-2016
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परमयोग: महर्षि पराशर के शास्त्र की यह एक विशेषता है कि इसमें सर्वत्र ‘धर्म’ (गुण-धर्म) के भेद से ‘धर्मों’ में भेद माना गया है। इसलिए एक ही ग्रह या भाव के विविध गुण-धर्म के आधार पर उसमें भेद किया जाता है।
By: शुकदेव चतुर्वेदी
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‘प्रेम-विवाह’ एक ऐसा शब्द है जो अपने अंदर कई भावनाओं को समेटे हुए है। जहां अभिभावकों के लिए यह चिंता, आशंका, क्रोध, संशय आदि का कारण बनता है, वहीं नवयुवक तथा नवयुवतियों के लिए यह संतोष, आशा एवं सुखद भविष्य की कल्पना को ऊंची उड़ान देता है।
By: राजीव रंजन
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कालसर्प योग शब्द तीन शब्दों काल, सर्प और योग के मिलने से बना हैं। काल शब्द का प्रयोग वैदिक काल से होता आ रहा हैं। और आज का संपूर्ण ज्योतिषशास्त्र काल पर ही आश्रित हैं-ज्योतिष कालविधानशास्त्रम।
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भाई के हाथों भाई का खून ! आज के युग में एक दुखद घटना ! किंतु, मनुष्य ग्रहों के सामने विवश है। जब बुरे ग्रहों की दशा और खराब गोचर आता है तो व्यक्ति बुरा कर्म कर बैठता है। अतः आइए देखते हैं वे कौन से ग्रहयोग हैं जिसके कारण महाजन को अपने भाई के हाथों जान गंवानी पड़ी...
By: आचार्य किशोर
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हिन्दू पर्वो की गणना विस्तृत रूप में धर्मशास्त्रों में जैसे धर्म सिन्धु व निर्णय सिन्धु आदि ग्रन्थों में दी गई है
By: डॉ. अरुण बंसल
15-Apr-2018
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हमारे धर्मशास्त्रों में व्रत किसको कैसे करना चाहिए, इस बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। किसी पर्व पर व्रत का विशेष महत्व बताया गया है क्योंकि उस दिन व्रत करने से कई गुणा फल प्राप्त होते हैं। हर व्रत का विशेष लाभ होता है व कष्टों से छुटकारा मिलता है। धर्मशास्त्र क्या कहते हैं, आइए जानें:- पर्व किसे कहते हं : देवताओं के आविर्भाव, अवतार तथा किसी विशेष धार्मिक घटना से सम्बद्ध तिथियां एवं सूर्य संक्रांति, ग्रहण, पूर्णिमा, अमावस्या आदि तिथियां को पर्व कहते हैं। धर्मशास्त्रकारों द्वारा पर्वकाल में व्रत, दान, जप, यज्ञ, स्नानादि का विशेष महत्व बताया गया है।
04-Dec-2013
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पाकिस्तान में वहाँ के राष्ट्रपति में वहां के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने ३ नवंबर २००७ को आपातकालीन स्थिति घोषित कर पूरे विश्व का ध्यान अपनी और खींच लिया। १२ अक्तूबर १९९९ को परवेज मुशर्रफ ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बंदी
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झूठ फरेब के लिए कुख्यात पाकिस्तान के सैनिक तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ साहब की कुंडली काफी दिलचस्प है। कभी जन्मकुंडली में बैठे ग्रह उन्हें अपने देश के सर्वोत्तम पद पर आसीन कर देते हैं तो कभी उन्हें अपने ही देश में स्वयं को बचाने के लिए भागना पड़ता है। आने वाला समय उनके लिए कैसा रहेगा इस संबंध में हम डालते हैं एक नजर उनके जीवन में हुई घटनाओं एवं कुंडली में स्थित ग्रहों पर।
By: उमाधर बहुगुणा