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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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नववर्ष आने से पहले ही हमारे मन में विचार आने लगते हैं कि आने वाला नववर्ष हमारे लिये कैसा होगा, ग्रहों व नक्षत्रों का प्रभाव हम पर किस प्रकार का होगा, कहीं नव वर्ष हमारे लिये अशुभ तो नहीं रहेगा। हम क्या उपाय करें कि नववर्ष हमारे लिये मंगलकारी हो। नये साल में हमें अनेक विपदाओं का भी सामना करना पड़ सकता है। ग्रह व नक्षत्र तो शुभ व अशुभ दोनांे प्रकार के फल देंगे परंतु अशुभता को हम अपने जीवन में कैसे स्थान दे सकते हैं। शुभता तो हम सभी को स्वीकार्य है जबकि अशुभता व परेशानियों से बचने की हम सभी कोशिश करते हैं। किसी को तो सफलता मिल जाती है परंतु अधिकांश उचित उपाय ढूंढ़ते ही रह जाते हैं। आईये हम जानते हैं कि नववर्ष 2016 में शुभता में वृद्धि व अशुभता का नाश किन उपायों से किया जा सकता है।
By: संजय बुद्धिराजा
15-Feb-2016
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26 जनवरी 2017 को शनि धनु राशि में गोचर करेंगे, 6 अप्रैल को वक्री होकर 21 जून को वृश्चिक राशि में जाएंगे तथा 25 अगस्त को मार्गी होकर 26 अक्तूबर को पुनः धनु राशि में लौटेंगे। गुरु 12 सितंबर तक कन्या राशि में रहेंगे तत्पश्चात तुला राशि में गोचर करेंगे। 6 फरवरी को गुरु वक्री होंगे और 9 जून को मार्गी हो जाएंगे। राहु 9 सितंबर को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
By: डॉ. अरुण बंसल
15-Jan-2017
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2016 में पूरे वर्ष शनि वृश्चिक राशि में रहेंगे। गुरु 14 जुलाई को सिंह से कन्या में आएंगे एवं राहु 9 जनवरी को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सभी महत्वपूर्ण ग्रहों का प्रभाव सिंह राशि में होने से राजनीतिज्ञ दूरदर्शिता से कार्य करेंगे तथा प्रगतिवाद की राजनीति करेंगे। शनि मंगल की वृश्चिक राशि में युति के फलस्वरूप आतंकवाद शिखर पर रहेगा। राहु, शनि व गुरु इन तीनों के सिंह राशि पर प्रभाव के चलते सभी राष्ट्रों के राजनयिक आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुटता भी दिखाएंगे।
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नशा एक ऐसी लत है जिससे परिवारों को तबाह होते देखा गया है। नशे के आदि क्यों ? इसके कारण व उपाय। प्रस्तुत है ज्योतिषीय एवं हस्तरेखा द्वारा विश्लेषण
By: भारती आनंद
01-Jan-2014
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हाथ की रेखों, पर्वतों आदि की तरह अंगूठे भी व्यक्ति के भविष्य कथन में अहम भूमिका निभाते है। इनके विभिन्न आकार प्रकारों से उसके चरित्र, स्वभाव व व्यक्तित्व का पता चलता है। क्षयहां अंगूठों के आकार प्रकार, उनसे जुड़े पर्वतों, यवों आदि का
By: फ्यूचर समाचार
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कई बार जीवन में ऐसे मोड़ आते हैं कि व्यक्ति नहीं चाहते हुए भी कुछ नाजायज कर बैठता है और समय का बदलाव उसे जायज ठहरा देता है। ऐसी ही एक सत्य घटना का वर्णन किया गया है इस लेख में।
By: आभा बंसल
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शिशु रूप में जब मानव गर्भावस्था में होता है, तब नाभि ही एकमात्र वह मार्ग होता है, जिसके माध्यम से वह अपनी सभी महत्वपूर्ण क्रियाओं, जैसे सांस लेना, पोषक तत्वों को ग्रहण करना तथा व्यर्थ और हानिकारक पदार्थों का निष्कासन करता हहै। जन्मोपरांत शिशु के गर्भ से बाहर आते ही सबसे पहला कार्य
By: अविनाश सिंह
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पुराण ज्ञान राशि का भंडार है और मनुष्य जीवन का सच्चा साथी है। भगवान नारायण ने ही इस भूमंडल पर व्यास जी के रूप में अवतार लेकर लोगों के कल्याण के लिए 18 पुराणों की रचना की थी। नारद पुराण 18 पुराणों में से एक पुराण है। यह स्वयं महर्षि नारद के मुख से कहा गया कि हमें महर्षि व्यास द्वारा लिखा गया है। इस पुराण के विषय में कहा जाता है कि इसका श्रवण करने से पापी व्यक्ति भी पाप मुक्त हो जाते हैं। इस पुराण में विवाह मुहूर्त का निर्धारण करने हेतु शुद्धियों और दोषों की विस्तृत जानकारी दी गई है। आज हम यहां आपको यही जानकारी दे रहे हैं।
By: आर. के. शर्मा
15-Nov-2016
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भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी का जन्म नागपुर के महल इलाके में श्री एवं श्रीमती जयराम गडकरी और भानुताई के घर हुआ।
By: उमाधर बहुगुणा
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प्रायः ऐसी धारणा है कि नीच ग्रह हमेशा अशुभ फल ही देते हैं, जबकि वास्तविकता इससे भिन्न है। हो सकता है कुछ मामलों में नीच ग्रह नकारात्मक परिणाम देते हों, पर हमेशा ऐसा नहीं होता है। उदाहरणस्वरूप हम शनि ग्रह को लेते हैं। यह एक राशि में ढाई वर्ष रहता है।
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
15-May-2015
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नीतीश कुमार जी अपने राजनैतिक जीवन में समय-समय पर अपने किये हुए अचानक निर्णय से सभी को अचंभित करते रहे हैं। जहां पहले वे माननीय मोदी जी के खिलाफ रहा करते थे वहीं कुछ समय से वे मोदी जी के सभी निर्णय की काफी तारीफ कर रहे थे। पहले मोदी जी के नोटबंदी के फैसले को समर्थन देकर उन्होंने पूरे देश को चैंका दिया और अब 27 जुलाई को लालू यादव के बेटे तेजस्वी को लेकर आर. जे. डी.- जे. डी. यू. के बीच हुई लंबी तकरार के बाद उन्होंने 20 महीने पुरानी महागठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और दूसरे दिन ही बी. जेपी. के समर्थन से दोबारा सरकार बनाकर फिर से बिहार के मुख्यमंत्री के पद पर काबिज हो गये। यही है नीतीश जी का काम करने का तरीका।
15-Oct-2017
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नीरज ग्रोवर की कहानी भारतवर्ष की सबसे भीषण, जघन्य और चैंकाने वाली घटनाओं में एक है। उसकी हत्या बड़े ही निर्मम तरीके से करके उसके शव को तीन सौ (300) टुकड़ों में बांटना तथा यह कार्य एक महिला द्वारा किया जाना अपने आप में रोंगटे खड़े कर देने वाला कार्य है
By: शरद त्रिपाठी