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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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क्या पंचांग या कैलेण्डर देखे बिना हिंदी महीना, पक्ष (पखवाड़ा) और तिथि बताई्र जा सकती है? इस प्रकार का उत्तर हां में दें तो यह एक प्रकार का चमत्कार ही माना जाएगा। किंतु वास्तव में यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक पूर्णतया शास्त्रीय विधि है, जिसे हम वैज्ञानिक विधि भी कह सकते हैं। विज्ञान वह है जो कार्य और कारण में तर्कसंगत संबंध स्थापित करे ।
By: राम अवतार शर्मा
15-Sep-2015
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इस अनुपम विशेषांक में पंचांग के इतिहास विकास गणना विधि, पंचांगों की भिन्नता, तिथि गणित, पंचांग सुधार की आवश्यकता, मुख्य पंचांगों की सूची व पंचांग परिचय आदि अत्यंत उपयोगी विषयों की विस्तृत चर्चा की गई है। पावन स्थल नामक स्तंभ के अंतर्गत तीर्थराज कैलाश मानसरोवर का रोचक वर्णन किया गया है।
By: किशोर घिल्डियाल
01-Jan-2014
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सप्तम भाव व चन्द्र से पत्नी के स्वास्थ्य का ज्ञान होता है। सप्तम भाव, सप्तमेष तथा सप्तमस्थ ग्रहों से विवाह सम्बन्धी अनेक विषयों का ज्ञान होता है। परन्तु एक ही ग्रह स्थिति से पत्नी का स्वरूप ज्ञान करने के लिए चिन्तन अलग होगा, विवाह काल जानने के लिए अन्य विधियों और सूत्रों का समावेष करना होता है। चरित्र, पत्नियों की संख्या, प्रेम तत्व, वैधव्य, विलम्ब अथवा विघटन आदि के लिए जब सप्तम भाव पर विचार किया जाता है तो वही ग्रहस्थिति भिन्न-भिन्न फल प्रदान करती है।
By: लेखराज शर्मा
15-Jun-2016
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हर बच्चे का हक है कि उसे अपने माता-पिता का नाम मिले ताकि वह समाज में अपना सर ऊंचा कर चल सके पर यदि कोई पिता इसके लिए आनाकानी करे तो पुत्र को अपना हक छीनना पड़ता है जैसा कि रोहित शेखर ने किया।
By: आभा बंसल
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पुनर्जन्म के सिद्धांत का प्रतिपादन जीवन के स्वरूप को आम मनुष्य को समझाने के लिए ही किया गया है। आत्मा तो अमर है और सर्वव्यापक है। जो अमर है उसका पुनर्जन्म हो ही नहीं सकता।
By: डॉ. अरुण बंसल
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जीवन के पारलौकिक जीवन को निर्धारित करने वाले यमराज जब स्वयं जीवन, मृत्यु, आत्मा के पुनरागमन, पूर्वजन्म एवं पुनर्जन्म आदि के बारे में बताएं तो इस सम्बन्ध में इससे अधिक प्रामाणिक विवरण और क्या होगा । एक बार महर्षि
By: फ्यूचर समाचार
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प्रत्येक प्राणी, चाहे वह इंसान हो, पशु – पक्षी होई या किट, दो तत्वों से मिलकर बना होता है.- एक तो शरीर जो हमें दिखाई देता है, और दूसरा उसमें आत्मा का वास होता है. आज के युग में मेडिकल विज्ञान ने कितनी ही तरक्की क्यों न कर ली हो परन्तु किसी भी प्राणी या व्यक्ति की मृत्यु आने पर उसको
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अम्ल, जो अग्निकारक है, उसका नेतृत्व मंगल एवं सूर्य करता है। इसलिए पंचम भाव, सिंह राशि, सूर्य और मंगल के दुष्प्रभावों के कारण पेप्टिक अल्सर होता है। विभिन्न लग्नों के लिए पेप्टिक अल्सर का ज्योतिषीय दृष्टिकोण।
By: अविनाश सिंह
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आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर में अग्नि मूल है। जब तक शरीर में अग्नि संतुलित रहती है तब तक स्वास्थ्य का अनुवर्तन होता रहता है। इसलिए शरीर में प्राण और स्वास्थ्य अग्नि मूलक हैं। शरीर में मंदाग्नि रहने से कई उदर रोग उत्पन्न होते हैं। मानसिक दबाव और तनाव भरी जिंदगी जीने वालों के शारीरिक विकारों में ग्रहणी और पाचन संस्थान के रोग ज्यादातर दिखाई देते हैं जिनमें अल्सर सबसे अधिक पायी जाने वाली व्याधि है।
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14 फरवरी का दिन था। सब जगह वसंत का खूबसूरत नजारा था और हजारों युवा जोड़े वैलेन्टाइन डे के अवसर पर अपने-अपने वैलेन्टाइन के साथ मस्त थे और इन सबके बीच शाइना अपने वैलेन्टाइन देवांशु का इंतजार कर रही थी।
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2012 से लेकर 2018 के मध्य तक का सफर इनके लिए अवश्य अनुकूल नहीं रहा। परंतु समय के साथ मायावती दलित वर्ग की पहचान बन चुकी हैं।
04-Feb-2020
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परमहंस, आत्मज्ञानी व भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य भक्त पूज्य गुरुदेव श्री शुकदेव बाबा के श्री चरणों में विराजमान तत्त्वाभिलाषी महाराज परीक्षित ने पूछा - भगवान् ! आपने राजा प्राचीन-बर्हि के जिन पुत्रों का वर्णन किया था, उन प्रचेताओं ने रूद्र गीत के द्वारा श्री हरि की आराधना करके क्या सिद्धि प्राप्त की और जगत् में क्या-क्या कार्यों का संपादन किया तथा किस प्रकार परमपद का लाभ प्राप्त हुआ?
By: ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’
15-May-2015