How Numerology Can Help You in Daily Life

How Numerology Can Help You in Daily Life

How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

View:76

How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.

How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

View:137

How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.

How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

View:209

How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.

Articles

Read Articles in English
astrology-articles

View:17380

द्वादश भावों में राहु का फल

राहु आलस्य, अस्थिरता, स्थावर संपत्ति, योगाभ्यास, उदर रोग, वाहन, जन नेता, विधान/लोक सभा पद, कूटनीति, राजदूत आदि का कारक है। 3, 6, 11 भावों में यह कारक ग्रह है। नवग्रहों में राहु एक छाया ग्रह है। राहु से पितामह का विचार किया जाता है। प्रस्तुत है द्वादश भावों में राहु की स्थिति का फल -

astrology-articles

View:12400

द्वादशांश से अनिष्ट का सटीक निर्धारण

आधुनिक भौतिकवादी विश्व में प्रत्येक मनुष्य धनी, सुखी एवं हर प्रकार से संपन्न जीवन जीने की कल्पना करता है तथा उसकी यह आकांक्षा होती है की उसे वे सभी विलासितापूर्ण सुख-सुविधाएँ प्राप्त हो।

astrology-articles

View:14264

देवानंद

बाॅलीवुड में यूं तो कई नायकों का दौर आया और गया, लेकिन जो छवि देवानंद ने अपने चाहने वालों के दिल में छोड़ी वह आज भी बरकरार है। वे जब तक जीवित रहे सिनेमा के प्रति समर्पित रहे। उनका मानना था कि जिंदगी की हर सुबह एक नया पन्ना खोलती है और इसी खूबसूरत ख्याल के साथ वे 88 वर्ष तक जिंदगी का साथ निभाते रहे।

astrology-articles

View:2097

देश-विदेशों के लिए तिथिमान परिवर्तन विधि

अनेक स्थानों से अनेक पंचांग निकलते हैं। प्रत्येक में तिथिमान श्न्नि-श्न्नि होते हैं।

astrology-articles

View:6113

दशा एवं अंतर्दशा फल की विवेचना

ग्रहों की अपनी दशा एवं अंतर्दशा में स्वाभाविक फल नहीं मिलता: लघुपाराशरी के श्लोक 29 में एक सामान्य नियम का निर्देश दिया गया है कि सभी ग्रह अपनी दशा एवं अपनी ही अंतर्दशा के समय में अपना आत्मभावानुरूपी या स्वाभाविक फल नहीं देते।

astrology-articles

View:5853

दशाफल में अपवाद के अन्य नियम

पिछले लेख में बतलाया गया है कि पापी, मारक एवं पूरक ग्रह निरंकुश होते हैं। इनकी निरंकुशता को नियमानुकूल बनाने के लिए अपवाद नियमों का लघुपाराशरी में प्रतिपादन किया गया है। क्योंकि शास्त्र परस्पर विरोधी तत्वों एवं तथ्यों को समन्वय के सूत्र से बांध कर अनुशासित करता है। अतः प्रत्येक नियम, वाद एवं सिद्धांत का अपवाद भी होता है।

astrology-articles

View:6184

दशाफल में अपवाद के नियम

मिश्रफल: साधारण दृष्टि से मिश्रफल का अर्थ होता है मिलाजुला या मिश्रित फल। यदि मिश्रफल का अर्थ मिलाजुला या मिश्रित फल मान लिया जाए तो इस अध्याय की श्लोक संख्या 37, 38, 39, 40 एवं 41 में केवल श्लोक संख्या 38 में एक स्थान पर ‘भवन्ति मिश्रफलदा’ वाक्यांश मिश्रित या मिलेजुले फल का प्रतिपादक है और इस वाक्यांश को छोड़कर इस पूरे अध्याय में कहीं भी मिश्रफल की चर्चा नहीं मिलती।

astrology-articles

View:8288

दशा-फल विचार और उसकी इतिकर्तव्यता

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में फल शब्द कर्मफल का वाचक एवं बोधक है। क्योंकि कर्मफल वर्तमान जीवन में उसके घटनाचक्र के रूप में घटित होते हैं, अतः जीवन में घटित होने वाली घटनाओं को अथवा जीवन के घटनाचक्र को भी फल कहते हैं।

astrology-articles

View:24451

दूषित गजकेसरी योग धमान नहीं वजन बढ़ता है

भारतीय ज्योतिष में मान, सम्मान, समृद्धि कारक योगों में ‘गजकेसरी योग’ का विशिष्ट स्थान है। यह योग बृहस्पति और चंद्रमा की परस्पर केंद्र स्थिति से बनता है (केंद्र स्थिते देवगुरौ) मृगांकात योस्तदाहुगर्जकेसरीति। जातक परिजात, ;टप्प्ए प्प्6 द्ध लगभग 30 प्रतिशत कुंडलियों में यह योग पाया जाता है।

astrology-articles

View:18317

दस महाविद्या - शक्ति एवं साधन

आदि ग्रंथों में दस महाविद्याओं का उल्लेख किया गया है जो विभिन्न शक्तियों की दाता हैं।

astrology-articles

View:6883

दूसरी मंजिल

हर व्यक्ति के जीवन में कुछ सपने होते हैं और उन सपनों को पूरा करने की चाह में वह दिन रात एक कर देता है क्योंकि ये सपने, ये आकांक्षाएं ही हमें कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देते हैं और जब हम अपनी मंजिल पा लेते हैं तो लगता है कि पूरा जहां हमारी मुट्ठी में आ गया । लेकिन कभी-कभी अपनी मंजिल पा कर भी हम खुश नहीं हो पाते तो जीवन अर्थहीन सा लगने लगता है। जीवन में एक पड़ाव या एक मंजिल ही सबकुछ नहीं होता और जिंदगी रूकती नहीं क्योंकि मंजिलें और भी हैं।

astrology-articles

View:12907

दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम

लाल किताब में दान देने के उपायों के विषय में कुछ नियम निश्चित किए गए हैं। दान करना या दान लेना जातक के लिए हानिकारक भी हो सकता है। यह अपने आप में एक अलग विचार लाल किताब का है जबकि आमतौर पर भारतीय संस्कृति में दान का बड़ा महत्त्व कहा गया है।