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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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भविष्य को जानने की जिज्ञासा मनुष्य की एक स्वाभाविक प्रवृति है। इसी जिज्ञासा ने विज्ञान क विभिन्न आयामों को विकसित किया।
By: फ्यूचर समाचार
01-Jan-2014
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जानिए डिप्रेशन के कारण और डिप्रेशन को दूर करने के लिए ज्योतिषीय उपाय |
By: आभा बंसल
17-Jan-2020
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तक्षक तीर्थ संपूर्ण सर्प जाति के स्वामी का स्थान होने के कारण काल सर्प योग, राहु की महादशा, नाग दोष से मुक्ति दायक तीर्थ कहलाता है। इस स्थान पर काल सर्प योग निवारण हेतु किए जाने वाले अनुष्ठान दोष निवारक होते हैं।
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
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समस्त वर्ण, अक्षर, मातृका को 'मंत्र' एवानिसके संयोग -वियोग तथा साधना की क्रिया को 'तंत्र कहते हैं. संस्कृत शब्दकोष के अनुसार अति मानव शक्ति प्राप्त करने के लिए शोध ही फलीभूत होने वाली क्रिया 'तंत्र' कहलाती हैं.
By: डॉ. अरुण बंसल
01-Oct-2004
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सारा विश्व इन दिनों तृतीय विश्व युद्ध की आशंका से डरा हुआ है। संपूर्ण मानवता पर इन दिनों एक संभावित महायुद्ध के संकट के बादल छाए हुए हैं। प्राचीन जगत के कई वैज्ञानिकों और ज्योतिषियों ने तीसरे युद्ध के होने पर परमाणु और आणविक आयुधों से समस्त सभ्यता के पूरी तरह नष्ट होने की भविष्यवाणियां की थीं। इस संभावित युद्ध के परिणाम कितने घातक हो सकते हैं, इसकी कल्पना करना बहुत कठिन है। वर्तमान में विश्व के प्रमुख राश्ट्राध्यक्षों के व्यवहार और बातचीत में जिस प्रकार की स्थिति सामने आ रही है, उसे देखकर लगता है कि तीसरा विश्व युद्ध मनुष्य के अधिक समीप है। कभी अमेरिका, कभी रूस, कभी उत्तरी कोरिया और कभी चीन से युद्ध को भड़काने वाले वक्तव्य सामने आने लगे हैं। कभी भी कहीं से कोई चिनगारी फूटने भर की देर है और एक सब कुछ खत्म करने वाला युद्ध छिड़ सकता है।
15-Jul-2017
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तनुजा बचपन से पढ़ने में अत्यंत मेधावी रही। उसको गुड़ियों से खेलने की बजाए अपनी किताबों से खेलना अच्छा लगता। वह अधिकतर समय फूलों की बागवानी में बिताती। रोज पूरा समाचार पत्र पढ़ कर अपने माता-पिता को सुनाना उसे अच्छा लगता।
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नौकरी में तबादला एक नियमित प्रक्रिया है। कुछ वर्ष एक ही स्थान पर कार्यरत रहने के उपरांत नियोजित व्यक्ति का स्थानांतरण होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। कई बार यह तबादला अथवा स्थानांतरण अपनी ईच्छा के अनुरूप होता है तो कई बार लोगों को अपना घर-परिवार छोड़कर अनिच्छा से नये स्थान पर जाकर योगदान देना पड़ता है। ये तबादला पदोन्नति के साथ कुछ आर्थिक लाभ के साथ भी हो सकता है अथवा समान पद पर रहते हुए बिना आर्थिक लाभ के भी उन्हें स्थानांतरित किया जा सकता है। आइए देखें कि विभिन्न परिस्थितियों में स्थानांतरण के क्या ज्योतिषीय मापदंड हैं जिनके कारण ईच्छा-अनिच्छा से तबादला होता है।
By: मनोज कुमार
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इस अनुपम विशेषांक में पंचांग के इतिहास विकास गणना विधि, पंचांगों की भिन्नता, तिथि गणित, पंचांग सुधार की आवश्यकता, मुख्य पंचांगों की सूची व पंचांग परिचय आदि अत्यंत उपयोगी विषयों की विस्तृत चर्चा की गई है। पावन स्थल नामक स्तंभ के अंतर्गत तीर्थराज कैलाश मानसरोवर का रोचक वर्णन किया गया है।
By: सुनील जोशी जुन्नकर
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ज्योतिष में तुरंत उत्तर ही नहीं बल्कि जातक के मस्तिष्क में क्या सवाल है, वह भी जाना जा सकता है. सर्व प्रथम प्रश्न कुंडली उस समय व स्थान भी बनाएं जहां से जातक प्रश्न कर रहा है. यह ज्ञात रहे की ग्रह-गोचर जातक के दिमाग में
15-Nov-2015
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भागवत पुराण में उल्लेख है की महाभारत से पहले १३ दिन के अंदर चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण पड़े थे, और फिर इतना जन संहार हुआ की केवल गिनती के लोग ही बचे। इस वर्ष भी अक्तूबर महा में दो ग्रहण पड़े और अब कार्तिक माह का शुक्ल पक्ष केवल १३ दिन है
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रत्नों का इतिहास बहुत प्राचीन है। हमारे वेद, पुराण, स्मृति आदि ग्रंथों में इनके बारे में विस्तृत वर्णन मिलता है। प्राचीन काल में राजे-महाराजे रत्नों के महत्व से भली-भांति परिचित थे तथा वे रत्नों को हमेशा पहने रहते थे। राजमहलों की दीवारों तथा सिंहासन आदि पर रत्न जड़े होते थे। आज भी इन प्राचीन स्मारकों पर रत्न जड़ित कला देखने को मिलती है।
By: रमेश शास्त्री
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हिंदु धर्म की पूजनीय वनस्पति तुलसी सदैव कल्याणकारी कही गई है। भारतवर्ष में ही नहीं संसार के लगभग अधिकांश देशों में इसे पवित्रता की दृष्टि से देखा जाता है। अनेक औषधीय गुणों से भरपूर तुलसी का धार्मिक महत्व भी है। अनेक धार्मिक अनुष्ठानों व तांत्रिक प्रयोगों में इसका उपयोग होता है। इस्लाम में भी तुलसी की पत्तियां कब्र में रखने का प्रावधान है। दूसरे देशों में भी समाजिक उत्सवों, धार्मिक कार्यों में तुलसी का विभिन्न रूप से उपयोग और पूजा होती है। तुलसी का नाम पद्म पुराण, शिव पुराण में वृंदा देकर जालंधर की पत्नी