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Building a Rewarding Career in Astrology with the Right Astrology Courses. Astrology has evolved from being an ancient divination art into a modern holistic science that blends psychology, mathematics, cultural wisdom, and spiritual insight.
By: AIFAS
01-Oct-2025
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आपका नाम सिर्फ़ पहचान नहीं, बल्कि आपकी रोज़मर्रा की ऊर्जा का हिस्सा है। कई बार हम महसूस करते हैं कि मेहनत के बावजूद चीज़ें हमारे पक्ष में नहीं होतीं।
22-Aug-2025
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किसी के लिए भी जिंदगी आसान नहीं होती है। किसी को शादी में परेशानियां आती हैं, तो किसी का करियर खराब चल रहा होता है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए नौकरी मिलना ही एक सपने की तरह हो जाता है। वो बार-बार इंटरव्यू देते हैं.
19-Aug-2025
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करीब पांच शताब्दियों तक मारवाड़ की राजधानी रहा जोधपुर जिसे सूर्य नगरी के नाम से भी जाना जाता है आज तक अपने ऐतिहासिक महत्व और अपनी रजवाड़ी आन-बान-शान के लिए खबरों की सुर्खियां बटोरता रहा है।
By: आभा बंसल
03-Feb-2020
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ज्योतिष शास्त्र के प्रवर्तक के रूप में अठारह आचार्यों का नामत: उल्लेख प्राप्त होता है, वे है-सूर्य, पितामह, व्यास, वशिष्ठ, अत्रि, पराशर, कश्यप, नारद, गर्ग, मरीचि, मनु, अंगीरा, लोमश , पुलिश,च्यवन, यवन, भृगु एवं शौनक।
By: यशकरन शर्मा
01-Jan-2014
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मध्य युग में बहुत से धार्मिक गुरुओं को ज्योतिष के अति विशष्ट जानकारी रहती थी। सिक्सस चतुर्थ पहले पॉप थे जिन्हें जन्मपत्री बनाने व् इसके आधार पर भविष्यवाणी करने की योग्यता प्राप्त थी।
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प्राचीनकाल इस बात का साक्षी रहा हैं की जब-जब किसी न किसी महापुरुष का अवतरण हुआ है। विदेशी आक्रांताओं के कारण धर्म संकट के काल में स्वामी रामकृष्ण परमहंस, विवेकानंद, पं. महामना मदनमोहन मालवीय, महर्षि अरविन्द जैसे महापुरुषों ने अवतरित होकर धर्म क्रान्ति में अपना योगदान दिया।
By: फ्यूचर समाचार
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नटवर सिंह कुछ समय पहले केंद्र में विदेश मंत्री थे लेकिन उनके साथ ऐसी घटना हुई कि उन्हें न चाहते भी अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा। आखिर यह सब उनके साथ कैसे हुआ? इसके पिछे क्या राज था? इस संबंध में क्या कहते हैं नटवर सिंह के सितारे...
By: आचार्य किशोर
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प्रधान मंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह की छवि केवल अर्थशास्त्री की ही नहीं, एक सफल प्रधान मंत्री के रूप में भी जनमानस में उभरी है। उनके सफल नेतृत्व का राज क्या है आइए, जानें उनकी हस्तरेखाओं और मुखाकृति से...
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
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शनि उदासीनता, दुख, दर्द, विपŸिा एवं मृत्यु का कारक माना जाता है। ज्योतिर्विदों का कथन है कि भाव स्थित शनि भाव की वृद्धि करता है। किंतु उसकी दृष्टि भाव को दूषित जबकि गुरु की दृष्टि पुष्ट करती है, शुभ करती है।
By: रामप्रवेश मिश्र
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एक खिलाडी की जन्मकुंडली में चाहे कितने ही अच्छे योग क्यों न हो, यदि उसमें खेल विशेष से सम्बन्धित अच्छे योग नहीं है तो उसका कैरियर अधिक समय तक नहीं रह पता है।
By: जय निरंजन
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जलालुद्दीन अकबर की कुंडली को यदि एक नजर देखा जाये तो कह सकते हैं कि कंुडली में ग्रह स्थिति अच्छी नहीं है। कालसर्प योग और दो-दो नीच ग्रहों की कुंडली में चंद्र भी पीड़ित है। अतः जातक को जीवन में अशुभ फलों की प्राप्ति अधिक होनी चाहिये थी, लेकिन इन्हीं नीच ग्रहों की दशाओं में अकबर ने चहोन्मुख उन्नति की, अपने साम्राज्य का विस्तार किया, कई धार्मिक व सामाजिक सुधार किये और ‘अकबर महान’ के नाम से जाने गये। आईये देखते हैं कि नीच ग्रहों की दशा में अकबर के साथ क्या-क्या हुआ? नीच ग्रहों के संबंध में हम पहले यह जान लेते हैं कि यहां अकबर की कुंडली में दोनों नीच ग्रहों (सूर्य व शुक्र) का नीच भंग हो रहा है। सूर्य तुला राशि में है तथा शनि यहीं पर उच्च का होकर सूर्य का नीच भंग कर रहा है। शुक्र अपनी नीच राशि कन्या में तो है पर कन्या राशि का स्वामी बुध यहां कुंडली में चंद्रमा से केंद्र में होकर शुक्र का नीच भंग कर रहा है। दूसरा यह कहा गया है कि 3,6,11 भावों में यदि नीच के ग्रह हांे या 3,6,11 भावों के स्वामी नीच के ग्रह हों तो वे राजयोग देते हैं। यहां अकबर की कुंडली में तीसरे भाव में नीच के सूर्य स्थित हैं और शुक्र तीसरे भाव का स्वामी है।
By: संजय बुद्धिराजा
15-May-2015
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उमा भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री फिर से बनना चाहती थी, लेकिन संघ और भाजपा की नाराजगी के कारण पार्टी में उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया, बल्कि उनके प्रबल विरोधी शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बना दिया जिसके कारण वह भड़क उठीं और
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उमा भारती हमेशा चर्चा में रहीं, उनका प्रखर स्वर विपक्ष ही नहीं उनकी पार्टी के कद्दावर नेताओं के खिलाफ भी मुखर होता रहा। यही कारण है कि आज वे अपने बलबूते राजनीति के कुरुक्षेत्र में डटी हुई हैं। नई पार्टी व उनका भविष्य कैसा रहेगा, आइए जानें...
By: उमाधर बहुगुणा
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ज्योतिष में कैंसर जैसे भयानक रोग की उत्पति में कौन कौन से ग्रहों का प्रभाव रहता हैं। इसे जाना जा सकता हैं। ज्योतिष सृष्टि संचरण की घडी है एवं व्यक्ति की जन्म कुंडली सोनोग्राफी है जिसके विश्लेषण से कैंसर रोग होने की संभावना का पता लगाया जा सकता हैं।
By: रवि जैन