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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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शिरडी के सांई और उनके पुनरावतार के रूप में अवतरित श्री सत्य सांई बाबा की जो अपने जन्म से ही अपनी लीलाओं और चमत्कारों से सभी को आश्चर्य चकित और कृतार्थ करते रहे।
By: रवि जैन
01-Jan-2014
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कंप का अनुमान लगाना आज के इस वैज्ञानिक युग में भी अभी तक असंभव है। इस प्राकृतिक आपदा का रहस्य अभी तक सुलझाया नहीं जा सका है। जहां विज्ञान इसका पूर्वानुमान लगाने में असमर्थ है वहां ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे तथ्यों का उल्लेख है जिनके विश्लेषण से इसके आने की पूर्व सूचना प्राप्त की जा सकती है।
By: एस.सी.कुरसीजा
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भूकंप का अनुमान लगाना आज के इस वैज्ञानिक युग में भी अभी तक असंभव है। इस प्राकृतिक आपदा का रहस्य अभी तक सुलझाया नहीं जा सका है। जहां विज्ञान इसका पूर्वानुमान लगाने में असमर्थ हैं वहां ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे तथ्यों का उल्लेख
By: डी.आर. उमरे
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जन्मकुंडली में यदि कोई दोष घटित होता है तो उसके फलस्वरूप प्रगति एवं फल प्राप्ति में कई बाधाएं आती हैं। यदि उसके निदान के लिए उपयुक्त रत्न, उपरत्न आदि धारण किए जाएं तो दोष का प्रभाव कम हो जाता है। प्रस्तुत है इस विषय पर विस्तृत विवरण देता यह आलेख...
By: गोपाल राजू
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प्राचीन ग्रंथों में नक्षत्र ज्ञान को ही ज्योतिष शास्त्र कहा गया है। जीव जिस नक्षत्र में जन्म लेता है, उसमें उसी नक्षत्र के तत्वों की प्रधानता होती है। जिस तरह भचक्र को १२ भागों में विभक्त कर पत्येक भाग को राशि कहा गया, उसी तरह जब भचक्र को २७ भागों में बांटा गया तो प्रत्येक
By: फ्यूचर समाचार
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कहा जाता है कि जो चलते रास्ते में रुक जाता है, वह रास्ते का पत्थर बन जाता है, दुनिया उसको टक्कर मारकर आगे बढ़ जाती है और वह वहीं रास्ते का पत्थर बनकर दुनिया की ठोकर मात्र खाने के लिये रह जाता है। अगर मंजिल पाना है तो हर स्थिति में हर समय प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते ही रहना होता है। यह बात किसी भी क्षेत्र में सही चरितार्थ होती है चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो, कला का हो, फिल्म का हो या राजनीति का या फिर ज्योतिष का ही क्षेत्र क्यों न हो।
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
15-Feb-2016
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ज्योतिष में ऐसी अनेक प्रणालियाँ हैं जो यह स्पष्ट करती हैं कि खगोलीय घटनाओं का और मानव जगत में घटने वाली घटनाओं में सीधा संबंध होता है। ग्रहों में गुरुत्वाकर्षण बल होता है जिसका मानव जीवन पर उसके वातावरण और परिस्थितियों के अनुसार प्रभाव पड़ता है।
By: यशकरन शर्मा
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मोटापा क्या है? शरीर में आवश्यकता से अधिक मात्रा में चर्बी (मेद) का जमा अथवा इकट्ठा होना ही मोटापा है।’’ मेद (चर्बी) के बढ़ने से हृदय रोग, रक्तचाप, मधुमेह जैसी अन्य कई घातक बीमारियां व्यक्ति को ग्रसित कर लेती है।
By: राजेंद्र शर्मा ‘राजेश्वर’
15-May-2017
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जिस प्रकार किसी जातक की कुंडली में लग्न, ग्रहों और नक्षत्रों का प्रभाव रहता हैं। और गोचर वश ग्रहों की स्थिति, महादशा और अन्तर्दशा में कोई जातक आर्थिक प्रगति करता हैं।
By: शाम धिंगरा
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विभन्न ग्रहों की शुभ अशुभ स्थित शेयर बाजार पर क्या असर डालती है आइए देखें ज्योतिषीय आइने में
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पिछले कुछ वर्षों से ज्योतिष में जाग्रत आई है एवं अनेक विद्वान इसे सीखने की आकांक्षा रखते हंै। विविध
By: डॉ. अरुण बंसल
20-Jan-2020
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शास्त्रानुसार कुंडली मिलान में अष्टकूट मिलान एवं मांगलिक मिलान किया जाता है।