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There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
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In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
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Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
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आप कोई भी हों, स्त्री या पुरुष राजनीतिज्ञ, व्यापारी, कर्मचारी अथवा समाज सेवक या कुछ और .. ! कुछ भी कार्य करते हों आपका संबंध अपने जैसे पुरुष अथवा स्त्री से पड़ना स्वाभाविक है। यदि आपको उन्हें देखकर ही उनके आचार व्यवहार का आभास हो जाय तो आपको उनको समझने में सहजता प्राप्त होगी और उनके साथ संबंध की सीमा निर्धारित करने में मदद मिलेगी। इसी परिप्रेक्ष्य में मुखाकृति के प्रमुख अंग-नाक की शरीर वैज्ञानिकता के साथ स्वभाव का फलादेश प्रस्तुत है।
By: भगवान सहाय श्रीवास्तव
15-Apr-2016
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अच्छी आय तथा शांत वैवाहिक जीवन, जातक के भावी सुखी जीवन का आधार होते हैं। अतः पढ़ाई के बाद नौकरी अथवा व्यवसाय में स्थिरता आते ही सभी हिंदू परिवार अपनी संतान के सुखी वैवाहिक जीवन के बारे में आश्वस्त होने के लिए विवाह पूर्व प्रस्तावित वर-वधू की जन्म कुंडलियों का किसी ज्योतिषाचार्य अथवा पंडित जी द्वारा आकलन कराते हैं, जिसे ‘कुंडली मिलान’ या ‘अष्टकूट मिलान’ कहते हैं।
By: सीताराम सिंह
15-Aug-2015
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फिल्म संजू ने बाॅक्स आॅफिस के कई रिकार्ड तोड़ दिये हैं। करोड़ों रुपयों की कमाई करके बॉलीवुड हिस्ट्री में अपना नाम दर्ज कराने वाली फिल्म ‘संजू’ ने कई रिकॉर्ड्स बना लिये हैं। क्या यह फिल्म संजय दत्त का भाग्य बदल पायेगी? जानने के लिए पढ़ें यह आलेख ...
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
03-Feb-2020
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२ जी स्पेक्ट्रम की पृष्ठभूमि में ए. राजा की भूमिका और ज्योतिषीय आइने में उनके भविष्य की झांकी देखने के लिए इस लेख को पढना विष्लेषण उचित रहेगा।
By: उमाधर बहुगुणा
01-Jan-2014
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किस मास में किस वार को पड़ता है इस लग्न नक्षत्र के आधार पर वार्षिक फलादेश की जानकारी प्राप्त कीजिए इस लेख द्वारा।
By: निर्मल कोठारी
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काल का निरंतर चलता पहिया किस राजनीतिक दिग्गज को राजनीतिक संगम के किस घाट पर उतार रहा है इसका विहंगावलोकन आप भी कर सकते हैं इस लेख मे किये गये ज्योतिष विश्लेषण के माध्यम से।
By: अरुण कुमार
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किसी भी देश का भविष्य उस देश की बनी कुंडली के ग्रह दशाओं पर निर्भर करता है। यदि देश की कुंडली में ग्रह गोचर ठीक हों और दशा अच्छे ग्रह की चल रही हो तो वह समय उस देश के लिए अच्छा माना जाता है।
By: फ्यूचर समाचार
15-Oct-2015
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बच्चन को चमकाया और 1994-95 में शाहरूख खान को। 2013-2014 में ये दोनों सितारे अपने जीवन के सर्वोच्च शिखर पर होंगे। यों तो यह युति हर 11 साल बाद आती है परंतु अन्य ग्रहों की स्थिति हर बार अलग होगी और घटनाक्रम अप्रत्याशित होगा परंतु पहले से भिन्न होगा। 2013 में यही शनि और राहु का संगम कुछ नए गुल खिला चुका है और अभी आश्चर्यजनक तथ्य आने बाकी हैं। इसका मुख्य कारण शनि का 18 फरवरी से 8 जुलाई तक वक्री रहना है। आपने देखा इस अवधि में बहुत सी ऐतिहासिक घटनाएं देश को झिंझोड़ देने वाली सामने आई। सरबजीत, चमेल सिंह का कत्ल। भारत में पाकिस्तानी कैदी पर हमला जिससे दोनों देशों की जनता हिल गई। कई तरह के जी नुमा घोटाले, कोलगेट और रेलगेट जैसे खुलासे ... .. जिसमें सरकार हिल गई। क्रिकेट जगत में फिक्सिंग जैसी घटनाएं जो देशवासियों को हिला देती हैं। चीन और पाकिस्तान ने हमारी सीमाओं पर घुसपैठ की। शनि व राहु का गठबंधन, राजनीति, अर्थव्यवस्था में विश्वव्यापी परिवर्तन लाता है। राहु धोखे करता है और शनि उसे उजागर करता है। शनि न्यायाधीश है और दोषियों को दंडित करता है। जैसे केंद्र सरकार के मंत्रियों को शनि ने मालामाल तो
By: मदन गुप्ता ‘सपाटू’
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इस आलेख का मुख्य उद्देश्य यह है कि हम नवविवाहित दंपत्तियों को अपनी भावी संतान के भविष्य को समझने के लिए कुछ सूत्र दे सकें और वे अपनी संतान के सौभाग्य के लिए उन्हें उनके अनुकूल व श्रेष्ठ समय में संसार में ला सकें। आजकल ज्यादातर लोग बच्चे के जन्म के समय ज्योतिषी के पास जाकर पूछते हैं कि गर्भाधान के लिए श्रेष्ठ समय कौन सा होगा व आपरेशन द्वारा बच्चे के जन्म का श्रेष्ठ समय कौन सा है?
By: आभा बंसल
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नववर्ष 2015 हमारे लिये कैसा होगा, ग्रहों व नक्षत्रों का प्रभाव हम पर किस प्रकार का होगा, हम क्या उपाय करें कि नववर्ष हमारे लिये मंगलकारी हो - यह उत्सुकता जनमानस में, नववर्ष आने से पहले ही जन्म ले लेती है। नये साल में हमें अनेक विपदाओं व अशुभता का भी सामना करना पड़ सकता है। ग्रह व नक्षत्र तो शुभ व अशुभ दोनों प्रकार के फल देंगे परंतु अशुभता को हम अपने जीवन में कैसे स्थान दे सकते हैं। शुभता तो हम सभी को स्वीकार्य है जबकि अशुभता व परेशानियों से बचने की हम सभी कोशिश करते हैं। किसी को तो सफलता मिल जाती है परंतु अधिकांश उचित उपाय ढूंढ़ते ही रह जाते हैं। आईये हम जानते हैं कि नववर्ष 2015 में शुभता में वृद्धि व अशुभता का नाश किन उपायों से किया जा सकता है।
By: संजय बुद्धिराजा
15-Feb-2015
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वर्ष 2015 में भारत वर्ष की कुंडली में नव ग्रहों का गोचर में संचार हमारे देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को किस प्रकार प्रभावित करेगा और आपको लाभ कमाने में कैसे मदद कर सकता है उसका ज्योतिषीय पूर्वानुमान यहां प्रस्तुत है:
By: शाम धिंगरा
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आज भारतवर्ष विश्व में अपना अलग राजनैतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। सबसे अधिक युवा शक्ति के साथ तकनीकी ज्ञान, सांस्कृतिक धरोहर से परिपूर्ण एवं प्राकृतिक सम्पदा से भरपूर सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश होने का गौरव हमारे राष्ट्र को आज प्राप्त है और आज पूर्ण विश्व भारतवर्ष को आर्थिक निवेश के लिए सर्वोत्तम स्थान स्वीकार कर रहा है। ज्योतिष के आधार पर हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि नव वर्ष में हमारे देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की प्रगति की रूपरेखा कैसी रहेगी।
15-Feb-2016