How Numerology Can Help You in Daily Life

How Numerology Can Help You in Daily Life

How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

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How Tarot Card Reading Can Guide and Improve Your Daily Life

There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.

How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

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How Vastu Shastra Can Improve Your Daily Life

In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.

How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

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How Astrology Can Help You Understand Your Personality and Life Path

Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.

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शेयर बाजार में मंदी-तेजी

ग्रहों की गोचर स्थिति सूर्य 17 सितंबर को 6 बजकर 11 मिनट पर सिंह राशि से कन्या राशि में प्रवेश करेगा। मंगल 5 सितंबर को 2 बजकर 33 मिनट पर तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। बुध 21 सितंबर को 2 बजकर 13 मिनट पर कन्या राशि से तुला राशि में प्रवेश करेगा। गुरु मासभर कर्क राशि में गोचर करेगा। शुक्र 1 सितंबर को 3 बजकर 14 मिनट पर कर्क राशि से सिंह राशि में प्रवेश करेगा।

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शेयर बाजार से धनवान कैसे बनें

आधुनिक युग में अर्थ का महत्व बढ़ गया है। आज हर व्यक्ति कम समय में ज्यादा धन कमाने की इच्छा रखता है। शेयर बाजार में पूंजी निवेश से अधिक धन कमाने का मौका मिलता है। लिस्टेड कंपनियों में उतारा-चढ़ाव आने से तुरंत मुनाफे या नुकसान की स्थिति

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श्रेष्ठतम ज्योतिषी बनने के ग्रह योग

करियर परिचर्चा लेख शृंखला की इस कड़ी में ‘‘सफल भविष्यवक्ता बनने के गह योग’’ विषय पर चर्चा की जा रही है जिससे आप यह जान सकेंगे कि किस प्रकार के ग्रह योग जातक को श्रेष्ठ ज्योतिषीय सलाहकार बना सकते हैं। जो लोग ज्योतिष नहीं जानते वे जान सकेंगे कि व्यक्ति स्वयं कुछ नहीं करता अपितु ग्रह योग ही उसे एक विशेष दिशा की ओर अग्रसर कर देते हैं व जो ज्योतिष सीख रहे हैं वे विभिन्न ग्रहयोगों के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे और जो ज्योतिष जानते हैं उनके लिए यह आलेख एक पुनराभ्यास का कार्य करेगा।

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श्राद्ध कर्म: कब, क्यों और कैसे?

भारतीय शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि पितृगण पितृपक्ष में पृथ्वी पर आते हैं और 15 दिनों तक पृथ्वी पर रहने के बाद अपने लोक लौट जाते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि पितृपक्ष के दौरान पितृ अपने परिजनों के आस-पास रहते हैं इसलिए इन दिनों कोई भी ऐसा काम नहीं करें जिससे पितृगण नाराज हों। पितरों को खुश रखने के लिए पितृ पक्ष मंे कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

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श्री आद्य शंकराचार्य जी की कुंडली

वेद की अविच्छिन परम्पराओं के संरक्षक एवं आचार्यत्व कर्ता भगवान शंकराचार्य भगत्पाद का आविर्भाव आज से २५१२ वर्ष पूर्व, युद्धिष्ठिर संवत २६३१ कलि संवत २५९३ ईसा पूर्व ५१० में, केरल प्रांत के कालडी ग्राम पुन्य स्थली

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श्री कृष्ण के जन्म एवं मोक्षकाल की गणना

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गुजरात के प्रभास पाटन क्षेत्र में स्थित सोमनाथ मंदिर में त्रिदिवसीय कार्यक्रम हुआ.इसमें कृष्ण देवन महाभारत को,केवल काल्पनिक कथा न बताते हुए, इतिहास का एक सच्चा पृष्ठ साबित किया गया.

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श्री कृष्ण जन्मांग

यह सर्वविदित है की श्री कृष्ण का जन्म भाद्र कृष्ण अष्टमी को मथुरा में हुआ. जैसा ग्रंथों में विदित है, विक्रमादित्य संवत २०६१ में श्री कृष्ण के जन्म से ५२३० वर्ष बीत चुके हे. ज्योतिष कम्प्यूटर प्रोग्राम लियो गोल्ड एवं पाम कंप्यूटर प्रोग्राम लियो पाम द्वारा गणित करने पर श्री कृष्ण

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श्री कृष्ण जीवन लीला

श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में, भाद्र कृष्ण अष्टमी की मध्य राशि को, रोहिणी में, २१ जुलाई ३२२८ ई. पू. को हुआ. कृष्ण-देवकी की यह ८ वीं संतान थे. जन्म के समय कारागार स्वयं खुल गये कंस से रक्षा के लिए उनके पिता वासुदेव उन्हें, एक टोकरी में रख कर, यमुना पर नंद गांव में छोड़ आये.

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श्री गणेश परिवार

गणेश जी के पिता - गणेश के पिता हैं- ‘शिव’। ‘शिव’ का अर्थ है- कल्याण। पिता कल्याण है और पुत्र विघ्नान्तक और कल्याण का उपस्थापक। इसका रहस्य यह है कि शिवतत्व की प्राप्ति के अनन्तर साधक के साधन-मार्ग की समस्त विघ्न-बाधाएं स्वतः ही नष्ट हो जायेंगी और विघ्न-बाधाओं के नष्ट होते ही साधक को अनंत ऋद्धियां एवं सिद्धियां प्राप्त हो जायेंगी। शिवत्व प्राप्त होने पर मायिक बंधन रूपी विघ्नों के महाध्वंस रूप गणेश का प्रादुर्भाव होगा।

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श्री गणेशाय नमः

ॐ गं गणपतये नमः गजाननं भूतगणादि सेवितं कपित्थजम्बुफलचारू भक्षणम् उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।

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श्री बगलामुखी का परिचय

व्यष्टिरूप में शत्रुओं को नष्ट करने की इच्छा रखने वाली तथा समष्टिरूप में परमात्मा की संहार शक्ति ही बगला हैं. पीताम्बर विद्या के नाम से विख्यात बगलामुखी की साधना प्राय: शत्रु भय से मुक्ति और वाक् सिद्धि के लिए

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श्री राम का जन्मदिवस

बालकांड सर्ग १८ श्लोक ८, ९ और १० में महर्षि वाल्मीकि नए उलेख किया है की श्री राम का जन्म चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अभिजित मुहूर्त में मध्याहन में हुआ। उस समय पांच ग्रह सूर्य, शनि, गुरु, शुक्र एवं मंगल अपनी उच्च राशि में स्थित थे और कर्क लग्न पूर्व में उदय हो रहा था। पुनर्वसु नक्षत्र उदित था।