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आपका नाम सिर्फ़ पहचान नहीं, बल्कि आपकी रोज़मर्रा की ऊर्जा का हिस्सा है। कई बार हम महसूस करते हैं कि मेहनत के बावजूद चीज़ें हमारे पक्ष में नहीं होतीं।
By: AIFAS
22-Aug-2025
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किसी के लिए भी जिंदगी आसान नहीं होती है। किसी को शादी में परेशानियां आती हैं, तो किसी का करियर खराब चल रहा होता है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए नौकरी मिलना ही एक सपने की तरह हो जाता है। वो बार-बार इंटरव्यू देते हैं.
19-Aug-2025
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क्या आपकी जिंदगी में परेशानी चल रही है? क्या आप अपने करियर में परेशान हैं? अगर हां तो हो सकता आपके जीवन में राहु का प्रभाव हो। रिश्ते हों या स्वास्थ्य, कुछ ऐसा अजीब चल रहा है.
12-Aug-2025
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प्रत्येक ग्रह अपना प्रभाव किसी निश्चित स्थान से दूसरे स्थान पर डालता हैं। इन प्रभावों को अष्टकवर्ग में महत्व देकर फलित करने की एक सरल विधि तैयार की गयी है। अष्टकवर्ग में राहू-केतु को छोड़कर शेष सात ग्रह और लग्न सहित आठ को महत्व दिया गया है।
By: फ्यूचर समाचार
01-Jan-2014
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फलित ज्योतिष में अष्टकवर्ग पद्धति का विशेष स्थान है। इसके अंतर्गत ग्रहों के शुभ और अशुभ फल को सरलता से जाना जा सकता है। ग्रह किस भाव में कितना शुभ या अशुभ फल देगा, अष्टकवर्ग की सहायता से जाना जा सकता है। ज्योतिष महर्षियों ने फलित ज्योतिष को सरल बनाने के लिए इसको बनाया है।
By: अविनाश सिंह
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आगामी 2 नवंबर को शनि वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में रूचि रखने वाले साधारण जनमानस में शनि ग्रह व उसके गोचर में राशि परिवर्तन को लेकर कौतुहल व जिज्ञासा विशेषकर अपनी कुंडली में उसके प्रभावों को लेकर बनी रहती है। शनि का यह राशि परिवर्तन जहां एक ओर कुछ राशियों पर साढ़े-साती या ढैय्या (कंटक शनि) का प्रभाव समाप्त करेगा, वहीं कुछ राशियों पर इसकी शुरूआत होगी।
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
15-Dec-2014
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अस्तग्रहों के बारे में कहा गया है -‘त्रीणि अस्ते भवे जड़वत’ अर्थात किसी जन्म चक्र में तीन ग्रहों के अस्त हो जाने पर व्यक्ति जड़ पदार्थ के समान हो जाता है। ऐसा व्यक्ति स्थिर बना रहना चाहता है, उसके शरीर, मन और वचन सभी में शिथिलता आ जाती है।
By: अमित कुमार राम
15-May-2015
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शिक्षा प्राप्ति के बाद कार्य क्षेत्र में प्रवेश करने से पूर्व प्रशासन के क्षेत्र में उच्च पद प्राप्ति की महत्वाकांक्षाओं को पूर्ण करने में किन ज्योतिषीय योगों से मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त की जा सकती है। आइए, जानें उन योगों के बारे में
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‘कैंसर’ सिर्फ नाम ही काफी है किसी को भी डराने के लिए। वर्षों पहले ‘कैंसर’ सिर्फ लाइलाज ही था किंतु आज इसका ईलाज है और वह भी सिर्फ मेडिकल द्वारा ही नहीं बल्कि कई सफल व सटीक आल्टरनेटिव थेरेपी के द्वारा भी, इन्हीं में षामिल है रेकी, रत्न/रुद्राक्ष थेरेपी एवं ‘मंत्र हीलिंग’ चिकित्सा। कहावत पुरानी है किंतु सही है, दुआओं का असर दवा से तेज होता है।
By: संजय लोढ़ा जैन
15-Aug-2016
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आंखें हृदय का प्रवेशद्वार हैं। हृदय के भाव आंखों के द्वारा जाने जा सकते हैं। इस प्रकार आंखों को हृदय के भाव जानने वाला बैरोमीटर कह सकते हैं। आंखों से व्यक्ति की प्रेम भावना, जाति, चरित्र, कला कौशल, मनोभाव, आंतरिक शक्ति, सुषुप्त शक्ति इत्यादि से संबंधित अच्छे बुरे पहलू जाने जा सकते हैं। चेहरा एवं शरीर दोनों अच्छे हों, किंतु आंखें अच्छी न हों तो वे भी अच्छे नहीं लगते। अलग-अलग लोगों की आंखों का आकार-प्रकार अलग-अलग होता है। यहां आंखों की विभिन्न स्थितियों का उल्लेख प्रस्तुत है जिनसे लोगों के व्यक्तित्व की परख की जा सकती है।
By: चन्द्रकांत पाठक
15-Apr-2016
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ज्योतिष विज्ञान हमारे प्राचीन ऋषियों के द्वारा प्रदान की गई ऐसी विधा है जिससे हमारे जीवन का कोई भी पक्ष अछूता नहीं है। जीवन के अनेक अनसुलझे प्रश्नों के अतिरिक्त जन्मकुंडली हमारे शरीर और स्वास्थ्य की पूरी जानकारी देती है जिससे हम भविष्य के लिए सचेत हो सकते हैं और समाधान की ओर भी बढ़ सकते हंै।
By: नीरज शर्मा
15-Jun-2016
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ग्रहों की कहानी ग्रहों की जुबानी स्तंभ में हम महत्वपूर्ण व्यक्तियों की जन्मपत्रियों का विश्लेषण करते हैं। इस बार प्रस्तुत है पिछली सदी के एक नूतन एवं प्रसिद्ध गुरु आचार्य रजनीश के जीवन के उतार-चढ़ाव का ज्योतिषीय विश्लेषण जो सभी सुधी ज्योतिष अध्येताओं के ज्योतिष ज्ञान में अवश्य वृद्धि करेगा।
By: शरद त्रिपाठी
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वैवाहिक जीवन पति-पत्नी का धर्म सम्मत समवेत संचरण है। इसी मन्तव्य से विवाह संस्कार में वर-वधू आजीवन साथ रहने और कभी वियुक्त नहीं होने के लिए प्रतिश्रुत कराया जाता है:
15-Feb-2015
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ज्योतिष द्वारा व्यवसाय का निर्धारण करना व जातक किस व्यवसाय से धन अर्जित करेगा इसके लिए ज्योतिष के विभिन्न सिद्धांतों व नियमों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाता है जो देश, काल, परिस्थिति व पात्र पर निर्भर करता है।
By: यशकरन शर्मा
15-Nov-2014
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आतंकी घटआतंकी घटनाओं ने आज छोटे-बड़े सभी देशों को परेशानी में डाल दिया है। कानून-व्यवस्था चाहे जितनी भी दुरुस्त हो आतंकियों की घुसपैठ हो ही जाती है। जब ये घटनाएं घटती हैं उस समय नवग्रहों की क्या स्थिति और प्रभाव रहता है, जानने के लिए पढ़िए यह आलेख...नाओं ने आज छोटे-बड़े सभी देशों को परेशानी में डाल दिया है। कानून-व्यवस्था चाहे जितनी भी दुरुस्त हो आतंकियों की घुसपैठ हो ही जाती है। जब ये घटनाएं घटती हैं उस समय नवग्रहों की क्या स्थिति और प्रभाव रहता है, जानने के लिए पढ़िए यह आलेख...
By: एस.सी.कुरसीजा