View:46
There are moments in life when logic feels incomplete. You may have all the information, all the facts, and yet something inside you still feels uncertain.
By: AIFAS
23-Mar-2026
View:122
In the ancient wisdom traditions of India, the environment in which we live and work is not considered a passive backdrop. Instead, it is viewed as a living field of energy that constantly interacts with our body, mind, and destiny.
By: Future Point
12-Mar-2026
View:192
Today, institutions like AIFAS have made it possible to learn this ancient science through well-designed online astrology courses and online astrology classes.
24-Feb-2026
View:38431
प्रत्येक ग्रह अपना प्रभाव किसी निश्चित स्थान से दूसरे स्थान पर डालता हैं। इन प्रभावों को अष्टकवर्ग में महत्व देकर फलित करने की एक सरल विधि तैयार की गयी है। अष्टकवर्ग में राहू-केतु को छोड़कर शेष सात ग्रह और लग्न सहित आठ को महत्व दिया गया है।
By: फ्यूचर समाचार
01-Jan-2014
View:8789
फलित ज्योतिष में अष्टकवर्ग पद्धति का विशेष स्थान है। इसके अंतर्गत ग्रहों के शुभ और अशुभ फल को सरलता से जाना जा सकता है। ग्रह किस भाव में कितना शुभ या अशुभ फल देगा, अष्टकवर्ग की सहायता से जाना जा सकता है। ज्योतिष महर्षियों ने फलित ज्योतिष को सरल बनाने के लिए इसको बनाया है।
By: अविनाश सिंह
View:11983
आगामी 2 नवंबर को शनि वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में रूचि रखने वाले साधारण जनमानस में शनि ग्रह व उसके गोचर में राशि परिवर्तन को लेकर कौतुहल व जिज्ञासा विशेषकर अपनी कुंडली में उसके प्रभावों को लेकर बनी रहती है। शनि का यह राशि परिवर्तन जहां एक ओर कुछ राशियों पर साढ़े-साती या ढैय्या (कंटक शनि) का प्रभाव समाप्त करेगा, वहीं कुछ राशियों पर इसकी शुरूआत होगी।
By: फ्यूचर पाॅइन्ट
15-Dec-2014
View:45795
अस्तग्रहों के बारे में कहा गया है -‘त्रीणि अस्ते भवे जड़वत’ अर्थात किसी जन्म चक्र में तीन ग्रहों के अस्त हो जाने पर व्यक्ति जड़ पदार्थ के समान हो जाता है। ऐसा व्यक्ति स्थिर बना रहना चाहता है, उसके शरीर, मन और वचन सभी में शिथिलता आ जाती है।
By: अमित कुमार राम
15-May-2015
View:42701
शिक्षा प्राप्ति के बाद कार्य क्षेत्र में प्रवेश करने से पूर्व प्रशासन के क्षेत्र में उच्च पद प्राप्ति की महत्वाकांक्षाओं को पूर्ण करने में किन ज्योतिषीय योगों से मार्गदर्शन और सहायता प्राप्त की जा सकती है। आइए, जानें उन योगों के बारे में
View:6355
‘कैंसर’ सिर्फ नाम ही काफी है किसी को भी डराने के लिए। वर्षों पहले ‘कैंसर’ सिर्फ लाइलाज ही था किंतु आज इसका ईलाज है और वह भी सिर्फ मेडिकल द्वारा ही नहीं बल्कि कई सफल व सटीक आल्टरनेटिव थेरेपी के द्वारा भी, इन्हीं में षामिल है रेकी, रत्न/रुद्राक्ष थेरेपी एवं ‘मंत्र हीलिंग’ चिकित्सा। कहावत पुरानी है किंतु सही है, दुआओं का असर दवा से तेज होता है।
By: संजय लोढ़ा जैन
15-Aug-2016
View:8516
आंखें हृदय का प्रवेशद्वार हैं। हृदय के भाव आंखों के द्वारा जाने जा सकते हैं। इस प्रकार आंखों को हृदय के भाव जानने वाला बैरोमीटर कह सकते हैं। आंखों से व्यक्ति की प्रेम भावना, जाति, चरित्र, कला कौशल, मनोभाव, आंतरिक शक्ति, सुषुप्त शक्ति इत्यादि से संबंधित अच्छे बुरे पहलू जाने जा सकते हैं। चेहरा एवं शरीर दोनों अच्छे हों, किंतु आंखें अच्छी न हों तो वे भी अच्छे नहीं लगते। अलग-अलग लोगों की आंखों का आकार-प्रकार अलग-अलग होता है। यहां आंखों की विभिन्न स्थितियों का उल्लेख प्रस्तुत है जिनसे लोगों के व्यक्तित्व की परख की जा सकती है।
By: चन्द्रकांत पाठक
15-Apr-2016
View:9308
ज्योतिष विज्ञान हमारे प्राचीन ऋषियों के द्वारा प्रदान की गई ऐसी विधा है जिससे हमारे जीवन का कोई भी पक्ष अछूता नहीं है। जीवन के अनेक अनसुलझे प्रश्नों के अतिरिक्त जन्मकुंडली हमारे शरीर और स्वास्थ्य की पूरी जानकारी देती है जिससे हम भविष्य के लिए सचेत हो सकते हैं और समाधान की ओर भी बढ़ सकते हंै।
By: नीरज शर्मा
15-Jun-2016
View:10535
ग्रहों की कहानी ग्रहों की जुबानी स्तंभ में हम महत्वपूर्ण व्यक्तियों की जन्मपत्रियों का विश्लेषण करते हैं। इस बार प्रस्तुत है पिछली सदी के एक नूतन एवं प्रसिद्ध गुरु आचार्य रजनीश के जीवन के उतार-चढ़ाव का ज्योतिषीय विश्लेषण जो सभी सुधी ज्योतिष अध्येताओं के ज्योतिष ज्ञान में अवश्य वृद्धि करेगा।
By: शरद त्रिपाठी
View:10341
वैवाहिक जीवन पति-पत्नी का धर्म सम्मत समवेत संचरण है। इसी मन्तव्य से विवाह संस्कार में वर-वधू आजीवन साथ रहने और कभी वियुक्त नहीं होने के लिए प्रतिश्रुत कराया जाता है:
15-Feb-2015
View:14658
ज्योतिष द्वारा व्यवसाय का निर्धारण करना व जातक किस व्यवसाय से धन अर्जित करेगा इसके लिए ज्योतिष के विभिन्न सिद्धांतों व नियमों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाता है जो देश, काल, परिस्थिति व पात्र पर निर्भर करता है।
By: यशकरन शर्मा
15-Nov-2014
View:7733
आतंकी घटआतंकी घटनाओं ने आज छोटे-बड़े सभी देशों को परेशानी में डाल दिया है। कानून-व्यवस्था चाहे जितनी भी दुरुस्त हो आतंकियों की घुसपैठ हो ही जाती है। जब ये घटनाएं घटती हैं उस समय नवग्रहों की क्या स्थिति और प्रभाव रहता है, जानने के लिए पढ़िए यह आलेख...नाओं ने आज छोटे-बड़े सभी देशों को परेशानी में डाल दिया है। कानून-व्यवस्था चाहे जितनी भी दुरुस्त हो आतंकियों की घुसपैठ हो ही जाती है। जब ये घटनाएं घटती हैं उस समय नवग्रहों की क्या स्थिति और प्रभाव रहता है, जानने के लिए पढ़िए यह आलेख...
By: एस.सी.कुरसीजा